भिटौली के तरकुलवा में कार सिखाने के दौरान हुए हादसे में प्रशिक्षु की मौत के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि बिना मान्यता और बिना कुशल प्रशिक्षक के वाहन से ड्राइविंग सिखाई जा रही थी। ARTO ने वाहन स्वामी को नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा है।

अवैध ड्राइविंग ट्रेनिंग पर ARTO का शिकंजा
महराजगंज: थाना भिटौली क्षेत्र के तरकुलवा स्थित तिवारी फैक्ट्री के पास 12 फरवरी 2026 को कार सिखाने के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में प्रशिक्षु की मौत के बाद परिवहन विभाग की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इस मामले ने अवैध रूप से संचालित ड्राइविंग प्रशिक्षण गतिविधियों की पोल खोल दी है।
जांच के दौरान पाया गया कि जिस वाहन संख्या HP48-3255 से प्रशिक्षण दिया जा रहा था, वह किसी भी मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से संबंधित नहीं है। इसके बावजूद उक्त वाहन का उपयोग आवेदकों को ड्राइविंग सिखाने में किया जा रहा था। इतना ही नहीं, प्रशिक्षण केंद्र के संचालन से संबंधित कोई भी आवश्यक मानक पूरा नहीं किया गया था और न ही किसी कुशल एवं अधिकृत प्रशिक्षक की नियुक्ति की गई थी।
इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) मनोज कुमार सिंह ने संबंधित वाहन स्वामी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बिना अनुमति और मानक पूरा किए ड्राइविंग प्रशिक्षण देना नियमों का घोर उल्लंघन है और इससे जन सुरक्षा को सीधा खतरा उत्पन्न होता है।
नोटिस में निर्देश दिया गया है कि पत्र प्राप्ति के सात दिवस के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर यह स्पष्ट किया जाए कि किन कारणों से वाहन का उपयोग अवैध प्रशिक्षण के लिए किया जा रहा था। यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, तो संबंधित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होगी।
गौरतलब है कि हादसे में प्रशिक्षु की मौत के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बिना मान्यता और बिना प्रशिक्षित प्रशिक्षक के वाहन चलाना सिखाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है।
परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि जिले में ऐसे अन्य अवैध रूप से संचालित प्रशिक्षण केंद्रों की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।