
चंपत राय के इस्तीफे के बाद बैंक खातों पर ब्रेक (Img- Pinterest)
Ayodhya: अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का कामकाज इन दिनों एक अनोखे प्रशासनिक संकट से जूझ रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच खातों के संचालन को लेकर पैदा हुआ गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस तकनीकी और कानूनी खींचतान की सीधी गाज मंदिर परिसर में काम कर रहे करीब 1000 कर्मचारियों पर गिरी है, जिनका जून महीने का वेतन अब तक अटका हुआ है।
मामला 6 जुलाई की ट्रस्ट बैठक से जुड़ा है, जहाँ तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए थे। इसके बाद खातों से लेन-देन के लिए अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और पूर्व अभियंता जगदीश आफले का नाम SBI को भेजा गया। लेकिन SBI ने जगदीश आफले के नाम पर आपत्ति जताते हुए बदलाव पर रोक लगा दी। बैंक सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट डीड के नियमों के तहत केवल ट्रस्टी ही खातों का संचालन कर सकते हैं, जबकि जगदीश आफले ट्रस्टी नहीं हैं। इसी कानूनी बिंदु पर पूरा मामला फंसा हुआ है।
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हस्ताक्षरकर्ताओं के नाम तय न हो पाने के कारण ट्रस्ट का पूरा वित्तीय संचालन प्रभावित हो गया है। कर्मचारियों के वेतन के अलावा अन्य महत्वपूर्ण वेंडरों और वित्तीय देनदारियों का भुगतान भी ठप पड़ा है। स्थिति को सुलझाने के लिए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरि को SBI के साथ बात करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, बैंक का स्पष्ट रुख है कि नियमों और ट्रस्ट डीड से समझौता कर किसी गैर-ट्रस्टी को अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता नहीं बनाया जा सकता।
वित्तीय पेंच के बीच मंदिर की सुरक्षा और दान पेटी की गिनती को लेकर भी सख्त सुधार लागू कर दिए गए हैं। हालिया आरोपों के बाद अब चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली भगवा पोशाक अनिवार्य कर दी गई है। गिनती कक्ष को त्रिस्तरीय सुरक्षा में रखकर कैमरों की सीधी निगरानी कंट्रोल रूम से जोड़ दी गई है। इसके अलावा, आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाकर केवल SBI के नियमित कर्मचारियों से ही चढ़ावे की गिनती कराई जा रही है।
Location : Ayodhya
Published : 25 July 2026, 9:56 AM IST