राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में क्या होगा बड़ा फैसला? चंपत राय के इस्तीफे के बाद बढ़ा सस्पेंस

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में कई बड़े फैसलों की उम्मीद है। चढ़ावा चोरी मामले की जांच रिपोर्ट, ऑडिट और प्रबंधन से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि इस्तीफों के बाद ट्रस्ट की कमान किसके हाथ जाएगी और आगे क्या फैसला होगा।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 6 July 2026, 8:44 AM IST
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Ayodhya: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट, वित्त वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट और ट्रस्ट के वित्तीय मामलों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके अलावा महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर भी विचार किया जाएगा।

चंपत राय के बाद कौन संभालेगा जिम्मेदारी?

बैठक का सबसे अहम मुद्दा चंपत राय के उत्तराधिकारी की तलाश माना जा रहा है। महासचिव के रूप में मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन की बड़ी जिम्मेदारी उनके पास थी। उनके पद छोड़ने की स्थिति में ट्रस्ट को नया महासचिव चुनना होगा, जो मंदिर की व्यवस्थाओं को आगे संभालेगा।

ट्रस्ट डीड में तय हैं उत्तराधिकार के नियम

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की डीड में ट्रस्टी के इस्तीफे, पद से हटाने और नए सदस्य की नियुक्ति की स्पष्ट व्यवस्था दी गई है। किसी ट्रस्टी के एक महीने का पूर्व नोटिस देकर इस्तीफा देने की स्थिति में ट्रस्ट बोर्ड बहुमत से आगे की प्रक्रिया तय करता है। बैठक में इसी व्यवस्था के तहत अगले कदम पर फैसला लिया जाएगा।

11 ट्रस्टियों के बहुमत से होगा फैसला

ट्रस्ट के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी में कुल 11 मतदान अधिकार वाले सदस्य हैं। इनमें संस्थापक ट्रस्टी के. परासरन, अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ, स्वामी गोविंद देव गिरि, परमानंद जी महाराज, विमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्रा, कृष्ण मोहन और निर्मोही अखाड़े के प्रतिनिधि महंत दिनेन्द्र दास शामिल हैं। चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर विचार के दौरान वे बैठक का हिस्सा नहीं होंगे। किसी भी निर्णय के लिए कम से कम 50 प्रतिशत ट्रस्टियों की मौजूदगी आवश्यक होगी।

चढ़ावा चोरी मामले में जांच जारी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक आठ कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ये कर्मचारी चढ़ावे की राशि की गणना से जुड़े थे। एसआईटी मामले की जांच कर रही है और उसकी अंतरिम रिपोर्ट भी बैठक में रखी जाएगी। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं प्रबंधन स्तर पर लापरवाही या किसी प्रकार की मिलीभगत तो नहीं हुई।

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लापरवाही साबित हुई तो हो सकती है कार्रवाई

इलाहाबाद हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एस.आर. सिंह के अनुसार चोरी करने वालों पर आपराधिक कार्रवाई होगी, जबकि यदि किसी ट्रस्टी या जिम्मेदार अधिकारी की लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उनके खिलाफ भी ट्रस्ट नियमों और कानून के तहत कार्रवाई संभव है। ऐसे में बैठक के फैसलों पर सभी की नजर बनी हुई है।

Location :  Ayodhya

Published :  6 July 2026, 8:44 AM IST

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