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एर्लिंग हालंद (Img: X)
New Delhi: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में एर्लिंग हालंद ने दो गोल दागकर ब्राजील जैसी दिग्गज टीम को 2-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ नॉर्वे पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया। हालंद ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मैचों के असली हीरो वही होते हैं।
79वें मिनट में हेडर और 90वें मिनट में दूसरा गोल कर हालंद ने मुकाबले का रुख बदल दिया। ब्राजील ने नेमार की पेनल्टी से वापसी की कोशिश की, लेकिन तब तक खेल नॉर्वे के पक्ष में जा चुका था।
छोटे कस्बे ब्रायने से निकले हालंद ने बचपन में ही अपनी फिटनेस और स्किल्स से पहचान बनाई। किशोरावस्था में उनकी लंबाई और ताकत ने उन्हें एक घातक स्ट्राइकर बना दिया। अंडर-20 वर्ल्ड कप में 9 गोल जैसी ऐतिहासिक उपलब्धि ने उन्हें दुनिया के सामने ला खड़ा किया।
हालंद के पिता अल्फ-इंगे हालंद खुद भी फुटबॉलर रहे हैं और 1994 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा थे। पिता के अधूरे सपनों को पूरा करना एर्लिंग के करियर की सबसे बड़ी प्रेरणा बना।
हालंद ने सिर्फ 4 मैचों में 7 गोल कर दिए हैं। नॉर्वे के लिए उनके 62 गोल और लगातार गोल करने की अद्भुत स्ट्रीक उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में शामिल करती है।
मैदान पर आक्रामक दिखने वाले हालंद निजी जिंदगी में बेहद शांत और अनुशासित हैं। मेडिटेशन, हाई-कैलोरी डाइट और सख्त फिटनेस रूटीन उनकी सफलता का हिस्सा हैं।
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ब्राजील जैसी टीम को हराने के बाद हालंद अब सिर्फ खिलाड़ी नहीं बल्कि एक युग बनते जा रहे हैं। उनका सफर यह साबित करता है कि छोटे शहरों से निकले सपने भी पूरी दुनिया जीत सकते हैं।
Location : New Delhi
Published : 6 July 2026, 11:20 AM IST
Topics : Erling Haaland Football News World Cup 2026