राम मंदिर दान चोरी मामला: आरोपी अविनाश से दो घंटे पूछताछ, वॉशरूम में छिपाए जाते थे दान के जेवर-नकदी का दाव

राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच कर रही SIT को रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय मिला है। इस बीच गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से करीब दो घंटे पूछताछ की गई, जिसमें उसने दान के जेवर और नकदी की कथित चोरी से जुड़े कई अहम दावे किए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 July 2026, 1:06 PM IST

Ayodhya: राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित चोरी के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। इसी बीच गिरफ्तार आठ आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उसने कई महत्वपूर्ण दावे किए, जिनकी अब पुलिस जांच कर रही है।

वॉशरूम में छिपाए जाते थे जेवर और नकदी

पूछताछ में अविनाश शुक्ला ने दावा किया कि दान में मिले जेवरात चोरी करने के बाद उन्हें कुछ समय के लिए मंदिर परिसर के वॉशरूम में छिपाकर रखा जाता था। बाद में मौका मिलने पर उन्हें बाहर निकाल लिया जाता था। उसने यह भी बताया कि दान की गिनती के दौरान एक व्यक्ति नकदी निकाल लेता था, जबकि अन्य आरोपी उसे CCTV  कैमरों की नजर से बचाने के लिए चारों ओर से घेर लेते थे।

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CCTV व्यवस्था की थी पूरी जानकारी

आरोपी ने पूछताछ में यह भी कहा कि सभी आरोपियों को मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की स्थिति और उनकी निगरानी व्यवस्था की जानकारी थी। इसी वजह से वे कथित तौर पर अपनी गतिविधियों को कैमरों से बचाने की कोशिश करते थे। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी के इन दावों की पुष्टि CCTV फुटेज, फॉरेंसिक जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर ही की जाएगी।

सफाई और मेंटेनेंस कर्मचारियों से होगी पूछताछ

SIT अब मंदिर परिसर में सफाई और रखरखाव का काम करने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ करेगी। जांच टीम यह जानने का प्रयास करेगी कि क्या उन्हें कभी वॉशरूम या अन्य स्थानों पर कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी थी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि कहीं उन्हें नकदी से भरे बैग या अन्य संदिग्ध सामान तो नहीं मिला था।

दान कक्ष की चाबी को लेकर भी जांच

अविनाश शुक्ला ने पूछताछ में दावा किया कि दान की गिनती वाले कमरे की दो चाबियां थीं। एक चाबी आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिल्लू के पास रहती थी, जबकि उसका कैश गिनने के काम से कोई सीधा संबंध नहीं था। दूसरी चाबी बैंक अधिकारियों के पास रहती थी, जो दान की गिनती की निगरानी करते थे। अब SIT इस दावे की भी जांच कर रही है और टिल्लू से पूछताछ की तैयारी में है।

जमीन और संपत्ति में निवेश की पड़ताल

जांच एजेंसी अब आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कम समय में उन्होंने जमीन, होटल और अन्य संपत्तियों में कितना निवेश किया और उसके लिए धन कहां से आया। इसके लिए बैंक खातों, संपत्ति के दस्तावेजों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

करीब 80 लाख रुपये की बरामदगी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब तक सभी आरोपियों से कुल 79.85 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा डॉलर, सोने की चेन, अंगूठियां और चांदी के कई जेवर भी जब्त किए गए हैं। बरामदगी के अनुसार, अविनाश शुक्ला के पास से सबसे अधिक 20.39 लाख रुपये मिले हैं। वहीं करुणेश पांडेय से 18 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्र से 16 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा से 14 लाख रुपये और रामशंकर यादव उर्फ टिल्लू से 1 लाख रुपये बरामद किए गए हैं।

SIT जुटा रही पुख्ता सबूत

SIT का कहना है कि पूछताछ में सामने आए सभी दावों की जांच वैज्ञानिक और कानूनी तरीके से की जाएगी। टीम का उद्देश्य सभी तथ्यों की पुष्टि कर मजबूत साक्ष्य जुटाना है, ताकि जांच रिपोर्ट पूरी तरह प्रमाणों के आधार पर तैयार की जा सके। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

Location :  Ayodhya

Published :  2 July 2026, 1:06 PM IST