चंदौली के बनौली खुर्द गांव में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का स्लैब गिरने से हड़कंप मच गया। हादसे में एक मजदूर घायल हुआ, लेकिन जनहानि नहीं हुई। डीएम और एसपी ने मौके का निरीक्षण कर जांच के आदेश दिए हैं। सेतु निगम पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

डीएम और एसपी ने मौके का निरीक्षण कर जांच के आदेश दिए (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Chandauli: चंदौली जिले के सदर तहसील क्षेत्र अंतर्गत बनौली खुर्द गांव में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। हावड़ा-दिल्ली रेल रूट पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज का एक स्लैब अचानक धराशायी हो गया। घटना के समय मौके पर काम चल रहा था, जिसमें एक मजदूर घायल हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई और बड़ा हादसा टल गया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, इस घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच की। निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्पष्ट कहा कि इस तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के चीफ इंजीनियर को भी विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तकनीकी खामियों और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके।
घटना की जानकारी देते हुए डीएम, चंद्र मोहन गर्ग (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए सेतु निगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में सेतु निगम के जूनियर इंजीनियर (जेई) गौतम कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा असिस्टेंट इंजीनियर (एई) अविनाश कुमार आर्या और प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज कुमार के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
West Asia Crisis: PM मोदी की बड़ी पहल, कतर के अमीर से बातचीत के साथ शांति और सुरक्षा पर जोर
जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई गईं तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं और प्रशासन से सख्त निगरानी की मांग की है।