MSP के इंतजार में किसान परेशान, केंद्रों पर अव्यवस्था चरम पर; खुले में पड़ा हजारों कुंतल धान

रायबरेली के मुंशीगंज धान खरीद केंद्र पर हजारों कुंतल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है। लापरवाही का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन पर सवाल उठे हैं। बारिश होने पर किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 3 February 2026, 2:15 PM IST

Raebareli: यूपी के रायबरेली जिले में धान खरीद अभियान के दौरान गंभीर लापरवाही और अव्यवस्था के मामले सामने आ रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण सदर तहसील क्षेत्र के ब्लॉक राही अंतर्गत मुंशीगंज धान खरीद केंद्र से सामने आया है, जहां हजारों कुंतल धान खुले आसमान के नीचे लावारिस हालत में पड़ा हुआ है। इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बारिश हुई तो बर्बाद हो सकती है पूरी फसल

स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि मौसम खराब हुआ और बारिश हो गई तो खुले में पड़ा यह धान पूरी तरह से खराब हो सकता है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। किसानों का कहना है कि उन्होंने सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर धान बेचने की उम्मीद में फसल केंद्रों तक पहुंचाई, लेकिन यहां उनके धान की सुरक्षा तक सुनिश्चित नहीं की जा रही।

कई दिनों से खुले में पड़ा है धान

क्षेत्रीय सूत्रों और ग्रामीणों का दावा है कि मुंशीगंज धान खरीद केंद्र पर यह धान कई दिनों से बिना किसी तिरपाल या शेड के खुले में पड़ा है। न तो यहां पर्याप्त कवर की व्यवस्था है और न ही सुरक्षा का कोई इंतजाम। इससे धान की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा लगातार बना हुआ है।

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केंद्र पर ताला लगे होने के आरोप

स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि कई बार धान खरीद केंद्र पर ताला लगा रहता है, जिससे न तो खरीद होती है और न ही धान की देखरेख। वहीं, केंद्र प्रभारी अभय त्रिपाठी का कहना है कि दिन में धान को खोल दिया जाता है और शाम होते ही उसे ढक दिया जाता है। हालांकि ग्रामीणों ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है।

नीचे पड़ा हजारों कुंतल धान

जिला विपणन अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

मामले पर जब जिला विपणन अधिकारी सोनी गुप्ता से बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि बारिश के कारण धान भीगता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र प्रभारी की होगी। केंद्र पर ताला लगे होने के आरोपों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात भी उन्होंने कही।

पूरे जिले में दिख रही हैं अव्यवस्थाएं

यह समस्या केवल मुंशीगंज तक सीमित नहीं है। रायबरेली जिले में कुल 122 धान खरीद केंद्र संचालित हैं, जिनमें से कई केंद्रों पर गंभीर खामियां सामने आ रही हैं। उदाहरण के तौर पर जगतपुर धान खरीद केंद्र पर अब तक एक भी कुंतल धान की खरीद नहीं हुई है, जिससे वहां की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

उठान और भुगतान में देरी से किसान परेशान

कई केंद्रों पर गोदाम भरे होने, धान का उठान न होने और किसानों को समय पर भुगतान न मिलने की शिकायतें आम हैं। रिपोर्टों के अनुसार जिले में हजारों मीट्रिक टन धान डंप पड़ा हुआ है, जबकि किसान अपनी उपज बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

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किसान हितों की अनदेखी का आरोप

किसानों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि धान खरीद में लापरवाही प्रशासनिक नाकामी के साथ-साथ किसान हितों की अनदेखी को भी दर्शाती है। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी धान खरीद केंद्रों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

Location : 
  • Raebareli

Published : 
  • 3 February 2026, 2:15 PM IST