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पूर्व विधायक विजय मिश्रा (सोर्स: गूगल)
Prayagraj: प्रयागराज की जिला कचहरी एक बार फिर उस पुराने खून-खराबे के केस को लेकर चर्चा में है, जिसने 1980 में पूरे सिस्टम को हिला दिया था। दिनदहाड़े कचहरी परिसर में हुई गोलीबारी और हत्या के इस मामले में अब कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। माफिया और पूर्व विधायक विजय मिश्रा समेत चार आरोपियों को दोषी करार दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
11 फरवरी 1980 को कर्नलगंज थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, हाथी गांव नवाबगंज निवासी श्याम नारायण पांडे अपने एक मुकदमे में जमानत कराने के लिए प्रयागराज कचहरी आए थे। वह अपने अधिवक्ता की सीट के पास बैठे थे, जो छोटे लाल के होटल के पास स्थित थी। तभी अचानक विजय मिश्रा, बलराम संतराम और जीत नारायण वहां पहुंचे और हथियारों से लैस होकर हमला कर दिया। आरोप है कि उन्होंने प्रकाश नारायण पांडे पर गोलियां चलाईं जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद कचहरी परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी।
कोर्ट में क्या हुआ?
मुकदमे की सुनवाई मंगलवार को प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई, जहां जज योगेश ने सबूतों और गवाहों के आधार पर माफिया विजय मिश्रा समेत तीन अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट में श्याम नारायण पांडे का बयान शपथपूर्वक दर्ज किया गया, जिसमें उन्होंने पूरी घटना का विस्तार से जिक्र किया। सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आगरा जेल में बंद विजय मिश्रा को भी पेश किया गया और पूरी कार्यवाही ऑनलाइन देखी गई।
Location : Prayagraj
Published : 12 May 2026, 4:23 PM IST