लालगंज डाकघर में 14 लाख का महाघपला: उप डाकपाल समेत 3 सस्पेंड और 3 कर्मचारी रडार पर

प्रतापगढ़ के लालगंज उप डाकघर में करीब 14 लाख रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। प्रवर डाक अधीक्षक इरम सिंह ने उप डाकपाल समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। तीन अन्य कर्मचारी भी जांच के दायरे में हैं।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 30 October 2026, 6:15 PM IST

Pratapgarh: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के लालगंज तहसील मुख्यालय स्थित उप डाकघर में ग्राहकों के खातों से करीब 14 लाख रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर डाक अधीक्षक इरम सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उप डाकपाल अनिल त्रिपाठी, डाक सहायक सुधीर मिश्र और प्रधान डाकघर के डाक सहायक वीरेंद्र मिश्र को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है। वहीं, तीन अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।

डिजिटल आईडी के दुरुपयोग से हुआ घपला

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, डाकघर में ग्राहकों की जमा और निकासी संबंधी पर्चियों को डाक सहायक द्वारा प्रोसेस करने के बाद उप डाकपाल की डिजिटल आईडी से सत्यापित करना अनिवार्य होता है। आरोप है कि लालगंज उप डाकघर में पिछले दो वर्षों से उप डाकपाल ने अपनी डिजिटल आईडी डाक सहायक को दे रखी थी।

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बताया जा रहा है कि डाक सहायक इस आईडी का इस्तेमाल कर उप डाकपाल की जानकारी के बिना ही जमा और निकासी की पर्चियों को सत्यापित कर लेता था। इसी व्यवस्था की कथित खामी का फायदा उठाकर ग्राहकों के खातों से करीब 14 लाख रुपये की हेराफेरी की गई। एक ग्राहक की शिकायत के बाद विभागीय जांच शुरू हुई, जिसमें यह मामला सामने आया।

महंगी गाड़ियों और लाइफस्टाइल को लेकर भी चर्चा

मामले में निलंबित कर्मचारियों की जीवनशैली को लेकर भी विभागीय स्तर पर चर्चाएं सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों में कुछ कर्मचारियों की नई गाड़ियों, महंगे स्मार्टफोन और खर्चीली जीवनशैली को लेकर साथी कर्मचारियों के बीच चर्चा थी। हालांकि, इन चर्चाओं और कथित वित्तीय गड़बड़ी के बीच संबंध की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच में ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

बंद हो चुके खातों की भी होगी जांच

प्रवर डाक अधीक्षक की ओर से गठित विशेष जांच टीम ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब केवल सक्रिय खातों की ही नहीं, बल्कि पिछले दो वर्षों के दौरान बंद किए गए खातों की भी पड़ताल की जाएगी। जिन खातों में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन या निकासी सामने आएगी, उनके खाताधारकों को बुलाकर पूछताछ की जाएगी।

इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं 14 लाख रुपये के अलावा अन्य खातों से भी रकम की अनियमित निकासी तो नहीं हुई है।

तीन और कर्मचारी जांच के दायरे में

विभागीय सूत्रों के अनुसार, मामले में तीन अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। जांच कमेटी उनके संभावित कनेक्शन और लेन-देन की पड़ताल कर रही है। हालांकि, इन कर्मचारियों की संलिप्तता अभी साबित नहीं हुई है।

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CBI जांच की चर्चा, मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी

मामले में गबन की रकम बढ़ने की आशंका के बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की संभावित जांच को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल विभागीय जांच में करीब 14 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता सामने आई है। आगे जांच में रकम और बढ़ती है या अन्य गंभीर तथ्य सामने आते हैं तो जांच की दिशा बदल सकती है।

वहीं, डाक विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कथित घपले में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। अब देखना होगा कि विस्तृत जांच में कितने खातों में गड़बड़ी सामने आती है और जिम्मेदार लोगों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

Location :  pratapgarh

Published :  30 October 2026, 6:15 PM IST