Gorakhpur Police Encounter: पूर्वांचल पुलिस के लिए सिरदर्द बने बदमाश को लगी गोली, पुलिकर्मी जख्मी

पूर्वांचल में लंबे समय से पुलिस को गच्चा दे रहा एक लाख रुपये का इनामी बदमाश आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। सोमवार देर रात हुई मुठभेड़ में मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 14 July 2026, 5:07 AM IST

Gorakhpur: पूर्वांचल की पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना एक लाख रुपये का इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू सोमवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान बदमाश की गोली से मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी घायल हो गए। दोनों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

पुलिस के अनुसार सोमवार रात करीब 11 बजे रामनगर करजहा से कुशीनगर लेन के पास पुलिस टीम संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक सवार को रुकने का इशारा किया गया।

पुलिस टीम पर की फायरिंग

पुलिस को देखते ही उसने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की और खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।

सिपाही को लगी गोली

मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी बदमाश की गोली लगने से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया गया। मौके से पुलिस ने 32 बोर की पिस्टल, मोटरसाइकिल, कई खोखा कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू पुत्र जमालुद्दीन, निवासी खुन्दनपुर, थाना मेहनगर, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, धमकी, गैंग बनाकर हमला और अन्य गंभीर अपराधों के 10 मुकदमे दर्ज हैं। वह वर्षों से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।

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अभियुक्त का आपराधिक इतिहास

पुलिस अभिलेख बताते हैं कि वर्ष 2003 में उसके खिलाफ चोरी का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद 2008, 2011, 2012 और 2021 में हत्या, हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर मामलों में उसका नाम सामने आया। उसके विरुद्ध न्यायालय द्वारा 82/83 सीआरपीसी की कार्रवाई भी की जा चुकी है।

वर्ष 2024 में बीएनएस की धाराओं में नए मुकदमे दर्ज हुए, जबकि वह महाराष्ट्र के अमरावती ग्रामीण क्षेत्र में पुलिस हिरासत से फरार होने में भी सफल रहा था। वर्ष 2026 में हरदोई के बिलग्राम थाने में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ।

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पुलिस की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुस्तफिजुल उर्फ बाबू लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। घायल बदमाश को कड़ी सुरक्षा के बीच इलाज के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा, जबकि पूरे मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।

Location :  Gorakhpur

Published :  14 July 2026, 5:04 AM IST