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मेरठ के कपसाड़ हत्याकांड में जेल में बंद आरोपी पारस सोम ने वकीलों से मुलाकात के दौरान रूबी के बारे में जानकारी ली। नाबालिग होने के दावे, रूबी की उम्र पर सवाल और सोशल मीडिया पर वायरल आपत्तिजनक वीडियो ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
पारस सोम और रूबी
Meerut: मेरठ के सरधना थानाक्षेत्र के कपसाड़ गांव में हुई सुनीता की नृशंस हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब इसमें नए-नए मोड़ सामने आने लगे हैं। एक तरफ जहां मुख्य आरोपी पारस सोम जेल में बंद है, वहीं दूसरी ओर इस केस से जुड़े कानूनी दावे, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उम्र को लेकर उठे सवाल मामले को और पेचीदा बना रहे हैं। पुलिस जांच के साथ-साथ अब कोर्ट की नजर भी हर पहलू पर टिकी है।
कपसाड़ गांव के सनसनीखेज हत्याकांड में जेल में बंद पारस सोम से बृहस्पतिवार को उसके बचाव पक्ष के वकीलों ने मुलाकात की। वकील बलराम सोम और संजीव राणा उर्फ संजू राणा ने जेल में पारस से लंबी बातचीत की। इस दौरान पारस बार-बार सिर्फ एक ही सवाल पूछता रहा कि रूबी कहां है और वह कैसी है। वकीलों ने उसे बताया कि रूबी को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है और वह अपने परिवार के साथ है। यह सुनकर पारस कुछ देर शांत हुआ, लेकिन उसकी बेचैनी साफ नजर आई।
वकीलों ने इस मुलाकात के दौरान पारस से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। संजीव राणा का कहना है कि पारस से मिली अहम जानकारियों को कोर्ट के सामने रखा जाएगा। उनका दावा है कि जांच में कई ऐसे बिंदु हैं, जिन पर पुलिस को पहले गंभीरता से पड़ताल करनी चाहिए थी।
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पारस सोम के परिजनों ने उसे नाबालिग बताते हुए अदालत में सबूत पेश किए। इनमें पारस की हाईस्कूल की अंकतालिका शामिल है, जिसमें दर्ज जन्मतिथि के अनुसार वह नाबालिग बताया जा रहा है। कानून के मुताबिक ऐसे मामलों में आरोपी की उम्र का निर्धारण बाल किशोर न्याय बोर्ड के जरिए कराया जाता है और जरूरत पड़ने पर मेडिकल बोर्ड भी गठित किया जा सकता है। बचाव पक्ष का कहना है कि उम्र तय किए बिना पारस को जेल भेजना गलत है।
पुलिस अब रूबी की हाईस्कूल की मार्कशीट भी खंगाल रही है। शुरुआती जानकारी में रूबी को बालिग बताया जा रहा है, जबकि पीड़ित परिवार ने एफआईआर में उसे नाबालिग बताया था। यही विरोधाभास अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है।
कपसाड़ कांड को लेकर सोशल मीडिया पर भी माहौल गरमा गया है। इंस्टाग्राम पर वायरल एक वीडियो में कथित तौर पर जाति विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जिसके बाद सरधना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। साइबर क्राइम टीम ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगरानी बढ़ा दी है।