नोएडा-ग्रेटर नोएडा की 437 सोसाइटियों में होगी फायर सेफ्टी की जांच, डाइनामाइट न्यूज़ ने उठाया था मुद्दा

नोएडा और ग्रेटर नोएडा की 437 हाईराइज सोसाइटियों में फायर सेफ्टी जांच शुरू होगी। आईवी काउंटी आग की घटना के बाद प्रशासन सख्त हुआ है। फायर उपकरण, अलार्म और एनओसी की जांच होगी। कई सोसाइटियों में सुरक्षा मानकों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 8 June 2026, 10:14 AM IST

Noida: नोएडा में फायर सेफ्टी सिस्टम को लेकर डाइनामाइट न्यूज़ ने मुद्दा उठाया था। जिसके बाद अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हाईराइज सोसाइटियों में फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच होगी। दरअसल, सेक्टर-75 स्थित आईवी कंट्री हाउसिंग सोसाइटी में आग लग गई थी। उस मुद्दे को काफी गंभीरता के साथ डाइनामाइट न्यूज़ की टीम ने उठाया। जिसके बाद अब अग्निशमन विभाग ने जिले की 437 पंजीकृत सोसाइटियों में विशेष जांच अभियान चलाने का फैसला किया है। इस दौरान फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी।

शुरुआती मिनटों में फायर सिस्टम की भूमिका सबसे अहम

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बहुमंजिला इमारत में आग लगने की स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका भवन के आंतरिक फायर सिस्टम की होती है। यदि शुरुआती 10 से 15 मिनट के भीतर आग पर काबू नहीं पाया जाता तो स्थिति तेजी से गंभीर हो सकती है और नुकसान कई गुना बढ़ सकता है। ऐसे में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम, हाइड्रेंट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का पूरी तरह कार्यशील होना बेहद जरूरी है।

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आईवी काउंटी में उपकरण मिले दुरुस्त

फायर विभाग द्वारा आईवी काउंटी सोसाइटी में घटना के बाद की गई जांच में राहत की बात यह रही कि वहां स्थापित अग्निशमन उपकरण सही और उच्च गुणवत्ता के पाए गए। हालांकि घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया कि हाईराइज इमारतों में किसी बड़ी आग से निपटने के लिए मौजूदा संसाधन कितने प्रभावी हैं और क्या सभी सोसाइटियां सुरक्षा मानकों का पालन कर रही हैं।

एनओसी का मुद्दा फिर चर्चा में

फायर सेफ्टी को लेकर सबसे बड़ा सवाल वैध एनओसी को लेकर भी उठ रहा है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बड़ी संख्या में फैक्टरियां, कंपनियां, पीजी, होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं। जिनके पास वैध फायर एनओसी नहीं होने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। खासकर औद्योगिक क्षेत्रों के छोटे प्लॉटों पर संचालित इकाइयों में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की घटनाएं अधिक देखने को मिलती हैं।

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हर हादसे के बाद उठते हैं सवाल

स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का कहना है कि हर बड़े अग्निकांड के बाद फायर सेफ्टी को लेकर चर्चा शुरू होती है, निरीक्षण किए जाते हैं और नोटिस जारी होते हैं। हालांकि, कई मामलों में कार्रवाई केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित रह जाती है। यही कारण है कि सुरक्षा मानकों को लेकर लगातार सवाल उठते रहते हैं।

Location :  Noida

Published :  8 June 2026, 10:14 AM IST