यूपी एटीएस की कार्रवाई में ISI से जुड़े दो संदिग्ध आतंकी नोएडा से दबोचे गए, हथियार और मोबाइल बरामद

यूपी एटीएस ने नोएडा से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर बड़ी साजिश का खुलासा किया है। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को रेडिकलाइज कर आतंकी हमलों की तैयारी में थे। उनके पास से हथियार और मोबाइल बरामद हुए हैं, जबकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 24 April 2026, 8:39 AM IST

Noida/Lucknow: उत्तर प्रदेश एंटी टेरर स्क्वॉड (ATS) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टर्स और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम कर रहे थे। एटीएस के मुताबिक, ये आरोपी भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे।

हथियार और मोबाइल बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के पास से एटीएस ने 32 बोर की एक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, एक चाकू और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था।

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सोशल मीडिया से युवाओं को बना रहे थे निशाना

एटीएस को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि पाकिस्तानी गैंगस्टर्स, ISI के इशारे पर भारत की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने की साजिश रच रहे हैं। जांच में सामने आया कि इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारतीय युवाओं को रेडिकलाइज किया जा रहा था। उन्हें धार्मिक कट्टरता और पैसों का लालच देकर आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की जा रही थी।

पाकिस्तानी हैंडलर्स से सीधे संपर्क

जांच के दौरान खुलासा हुआ कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट और कुछ यूट्यूबर्स के जरिए ISI के निर्देश पर युवाओं को उकसाया जा रहा था। इन्हीं के संपर्क में आकर बागपत निवासी तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और दिल्ली निवासी समीर खान आतंकी साजिश का हिस्सा बन गए थे। दोनों आरोपी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में जुटे थे।

23 अप्रैल को हुई गिरफ्तारी

एटीएस ने पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर 23 अप्रैल 2026 को नोएडा से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में तुषार ने बताया कि वह सोशल मीडिया के जरिए शहजाद भट्टी के संपर्क में आया था। उसने उसके लिए कई फर्जी इंस्टाग्राम आईडी भी बनाई थीं। बाद में व्हाट्सऐप और वॉइस/वीडियो कॉल के जरिए लगातार बातचीत होने लगी।

ग्रेनेड हमले और टारगेट किलिंग की साजिश

तुषार ने कबूल किया कि उसे कुछ लोगों के घरों पर ग्रेनेड फेंकने और टारगेटेड हत्याएं करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बदले उसे पहले 50 हजार रुपये और काम पूरा होने के बाद 2.5 लाख रुपये देने का लालच दिया गया था। साथ ही पासपोर्ट बनवाकर दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजने की योजना भी बनाई गई थी।

TTH लिखने और नेटवर्क फैलाने का टास्क

पूछताछ में यह भी सामने आया कि समीर खान को दीवारों पर TTH (तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान) लिखने और नए लोगों को संगठन से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी। दोनों आरोपी मिलकर संवेदनशील स्थानों की रेकी कर रहे थे और कुछ लोगों को जान से मारने की धमकियां भी दे चुके थे।

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मुकदमा दर्ज, रिमांड की तैयारी

एटीएस ने इस मामले में थाना एटीएस, लखनऊ में मुकदमा संख्या 03/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और UAPA की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। दोनों को अदालत में पेश किया गया है और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड की तैयारी की जा रही है।

दोनों आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों में तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान (20 वर्ष), निवासी ग्राम रमाला, थाना रमाला, बागपत (हाल पता कंकरखेड़ा, मेरठ) और समीर खान (20 वर्ष), निवासी सनलाइट कॉलोनी, पुरानी सीमापुरी, दिल्ली शामिल हैं।

बड़ी साजिश नाकाम

एटीएस का कहना है कि इस कार्रवाई से एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Noida/Lucknow

Published :  24 April 2026, 8:39 AM IST