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नोएडा सेक्टर-104 की एक हाईराइज सोसायटी में दर्दनाक हादसा हुआ। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अजय गर्ग की 17वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। जानें पूरा मामला, पुलिस जांच और हादसे की वजह।
इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक की मौत
Noida: नोएडा से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सेक्टर-104 स्थित एक हाईराइज सोसायटी में शनिवार सुबह Indian Oil Corporation के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अजय गर्ग (55) की 17वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। इस हादसे के बाद सोसायटी में हड़कंप मच गया, जबकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, यह घटना शनिवार सुबह करीब 10:20 बजे की है। अजय गर्ग अपने फ्लैट के अंदर थे और अपनी पत्नी से मोबाइल पर बात कर रहे थे। बताया जा रहा है कि फ्लैट के भीतर नेटवर्क सही नहीं मिल रहा था, जिस वजह से वह बालकनी की ओर गए। कॉल के दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ा और वह 17वीं मंजिल से नीचे गिर गए।
सोसायटी के लोगों ने जब उन्हें नीचे जमीन पर गिरा हुआ देखा तो तुरंत शोर मचाया गया और उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही Noida पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
घटना के बाद ATS One Hamlet सोसायटी में शोक का माहौल है। पड़ोसियों और सोसायटी के निवासियों के लिए यह हादसा बेहद स्तब्ध कर देने वाला रहा। लोगों का कहना है कि अजय गर्ग मिलनसार और शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि एक सामान्य कॉल के दौरान इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
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अजय गर्ग इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के दिल्ली कार्यालय में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे। वह मूल रूप से कानपुर के रहने वाले थे और पिछले कुछ समय से नोएडा की एटीएस वन हेमलेट सोसायटी में अपनी पत्नी मयूरी गर्ग के साथ रह रहे थे। उनका एक बेटा है, जो मुंबई में नौकरी करता है। कॉरपोरेट जगत में अजय गर्ग को एक अनुभवी और ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता था। उनके अचानक निधन की खबर से इंडियन ऑयल समेत पूरे ऊर्जा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह मामला एक दुर्घटना (Accidental Fall) का प्रतीत होता है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और परिवार के सदस्यों व सोसायटी के लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना की हर पहलू से पुष्टि की जा सके।
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इस हादसे ने एक बार फिर हाईराइज इमारतों में बालकनी और सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंची इमारतों में रेलिंग की ऊंचाई, फिसलन और फोन कॉल के दौरान लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों को लेकर पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी।