महराजगंज से पाकिस्तान गई जमीला खातून के केस में नया मोड़; ‘शत्रु संपत्ति’ पर अनोखा और बड़ा विवाद

महराजगंज जनपद के नगर पंचायत चौक में शत्रु संपत्ति घोषित भूमि को लेकर नया विवाद सामने आया है। यह मामला मीला खातून से जुड़ा हुआ है, जो कई साल तक अदालतों में रहा और अब एक बार फिर जिलाधिकारी के दरबार में पहुंचा है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 15 June 2026, 3:46 PM IST

Maharajganj: नगर पंचायत चौक क्षेत्र में शत्रु संपत्ति घोषित भूमि को लेकर एक बार फिर विवाद बढ़ गया है। इस मामले में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल को शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों द्वारा विवादित सरकारी भूमि पर कब्जा कर निर्माण कार्य कराने की तैयारी की जा रही है। शिकायतकर्ता ने इसे सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का मामला बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

शिकायत में क्या कहा गया?

शिकायत के अनुसार नगर पंचायत चौक के वार्ड नंबर-03 सरदार पटेल नगर (केवलापुर कला) स्थित आराजी संख्या-129, रकबा 0.85 हेक्टेयर की मूल स्वामिनी जमीला खातून पत्नी अब्दुल वारी निवासी मोहल्ला निजामपुर, गोरखपुर थीं। आरोप है कि उनके पाकिस्तान चले जाने के बाद उक्त भूमि को वर्ष 1982 में शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया गया था।

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लंबे समय से चल रहा था मामला

शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बावजूद क्षेत्र के कुछ लोगों ने कथित रूप से फर्जीवाड़ा कर भूमि को अपने नाम दर्ज करा लिया। इस मामले को लेकर न्यायालयों में भी लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही है। पहले सिविल जज (सीनियर डिवीजन) न्यायालय में आपत्ति दाखिल की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद अपर जिला जज (एडीजे) न्यायालय में भी वाद दायर किया गया, जहां उत्तर प्रदेश सरकार एवं नगर पंचायत के विरुद्ध फैसला सुनाया गया।

बताया गया है कि उक्त फैसले को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट संख्या-292/2026 दाखिल की गई है, जो वर्तमान में विचाराधीन है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि न्यायालय की अवकाश अवधि का लाभ उठाकर विपक्षी पक्ष विवादित भूमि पर निर्माण कार्य कर उसकी प्रकृति बदलने का प्रयास कर रहा है।

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भूमि पर किसी प्रकार के निर्माण पर रोक

शिकायती पत्र में जिलाधिकारी से मांग की गई है कि जब तक हाईकोर्ट से अंतिम आदेश पारित नहीं हो जाता, तब तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने की भी मांग की गई है। जिलाधिकारी राजस्व विभाग की टीम को पहुंच कर तत्काल निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए अग्रिम कार्यवाही के लिए शख्त आदेश दिया है।

Location :  Maharajganj

Published :  15 June 2026, 3:45 PM IST