शाहबुद्दीनपुर रोड पर झाड़ियों में मासूम नवजात बच्ची का शव मिला, जिसे आवारा कुत्ते नोच रहे थे। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। समाज में संवेदनशीलता पर उठे सवाल।

नवजात के शव मिलने से मानवता पर सवाल
Muzaffarnagar: जनपद के थाना कोतवाली क्षेत्र के शाहबुद्दीनपुर रोड स्थित रामपुरी श्मशान घाट के पास बुधवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। झाड़ियों में एक माह की मासूम नवजात बच्ची का शव पड़ा था, जिसे आवारा कुत्ते बेरहमी से नोच रहे थे। इस दर्दनाक दृश्य ने वहां मौजूद लोगों की आंखें नम कर दी और समाज की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े कर दिए।
गौतम कुमार ने किया मामला उजागर
जानकारी के अनुसार, शिवसेना मंडल उपाध्यक्ष गौतम कुमार वहां से गुजर रहे थे और उनकी नजर सड़क किनारे झाड़ियों में पड़े एक नन्हे शरीर पर पड़ी। पास जाकर देखने पर पता चला कि यह एक नवजात बच्ची का शव था, जिसे आवारा कुत्ते नोच रहे थे। गौतम कुमार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की
शहर कोतवाली प्रभारी बबलू कुमार वर्मा पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और अस्पतालों तथा दाइयों से जानकारी जुटा रही है, ताकि पता चल सके कि मासूम को झाड़ियों में कौन फेंका।
समाज में उभरा गहरा आक्रोश
स्थानीय लोग इस घटना को लेकर बेहद आहत हैं। वे इसे 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियानों के बावजूद समाज की गिरती मानसिकता का प्रमाण बता रहे हैं। शिवसेना पदाधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और इसे मानवता पर काला धब्बा बताया।
बेटी बचाओ के संदेश पर सवाल
यह घटना न केवल पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि समाज से भी सवाल कर रही है कि आखिर एक मासूम "बेटी" का कसूर क्या था? मासूम नवजात बच्ची की मौत ने सबको सोचने पर मजबूर कर दिया कि संवेदनशीलता और मानवता के मूल्यों को कैसे जीवित रखा जाए।