
प्रतीकात्मक फोटो (Image: Social Media)
Noida News: नोएडा की एक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। जिस शहर में 27 साल का प्रमोद कुमार अपने बेहतर भविष्य और रोजगार की तलाश में आया था, उसी शहर में कुछ घंटों बाद उसकी जिंदगी खत्म हो गई। मोबाइल चोरी के शक में लोगों ने युवक को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है।
मामला नोएडा के फेज-1 थाना क्षेत्र के हरौला गांव का है। मृतक प्रमोद कुमार हरदोई जिले के संडीला गांव का रहने वाला था। परिजनों ने बताया कि प्रमोद आठवीं तक पढ़ा था और गांव में जरदोजी कारीगरी का काम करता था। अधिक कमाई की उम्मीद में वह नोएडा आया था। सोमवार को ही वह अपने परिचित नीरज लोधी के पास पहुंचा था। नीरज सुरेंद्र अवाना के मकान में किराये पर रहता है। प्रमोद का चचेरा भाई सुशील और गांव का विजय भी आसपास रहते हैं।
सोमवार दोपहर प्रमोद नीरज के कमरे के आसपास मौजूद था। इसी दौरान मकान में रहने वाले एक व्यक्ति ने उस पर मोबाइल चोरी करने का आरोप लगा दिया। आरोप था कि प्रमोद ने उसकी पत्नी का मोबाइल चोरी किया है। इस आरोप के बाद वहां हंगामा शुरू हो गया। माहौल बिगड़ता देख प्रमोद वहां से चला गया।
आरोप है कि सोमवार रात करीब 10 बजे जब प्रमोद दोबारा उसी इलाके में पहुंचा तो कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। लात-घूंसों से की गई पिटाई में प्रमोद गंभीर रूप से घायल हो गया। वह लहूलुहान हालत में सड़क पर पड़ा रहा। घटना की जानकारी मिलने के बाद नीरज, सुशील और विजय उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सोमवार रात करीब 2 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक 15 संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में संतोष कुमार मंडल (30), करण कुमार मंडल (23), सुरेश मंडल (48), रौनक कुमार मंडल (19) और निखिल उर्फ ब्रेवो (22) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी किरायेदार हैं। संतोष और करण बिहार के सुपौल, सुरेश और रौनक मधुबनी जबकि निखिल आरा का रहने वाला है।
प्रमोद के पिता रामजीवन ने बताया कि वह चार बहनों और दो भाइयों में सबसे बड़ा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। परिवार को उम्मीद थी कि नोएडा जाकर वह कुछ बेहतर करेगा, लेकिन एक दिन में ही सब कुछ खत्म हो गया। परिजन शव लेकर हरदोई रवाना हो गए हैं। वहीं पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि मोबाइल चोरी का आरोप सच था या सिर्फ शक के आधार पर प्रमोद की हत्या कर दी गई।
Location : Noida
Published : 2 September 2026, 2:05 PM IST
Topics : crime news mob lynching noida news Noida police UP News