यूपी के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ के डिजिटल डेटा और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़, दो लोगों पर FIR

यूपी के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी से जुड़े डिजिटल डेटा और महत्वपूर्ण दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग के मामले में गौरव मिश्रा और दुर्गेश कुमार सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस आरोपों की जांच कर रही है...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 24 October 2026, 4:39 PM IST
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Lucknow News: उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और शहर दक्षिणी के विधायक नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी से जुड़े डिजिटल डेटा और महत्वपूर्ण दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। इस मामले में कोतवाली थाने में दो लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि साजिश के तहत कंप्यूटर से डिजिटल डेटा और कार्यालय की दराज से महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब किए गए। इसके अलावा मंत्री के सरकारी लेटरपैड की कथित कूटरचना कर उसका इस्तेमाल करने की तैयारी का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गौरव मिश्रा और दुर्गेश कुमार सिंह के खिलाफ शिकायत

मंत्री नन्दी के इंटरनेट मीडिया और मीडिया सलाहकार दिव्यांश शेखर सिंह की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। शिकायत के मुताबिक, गौरव मिश्रा मंत्री की टीम में वीडियो एडिटर और ग्राफिक्स डिजाइनर के रूप में काम करता था। इस दौरान उसके पास मंत्री से संबंधित डिजिटल डेटा, तस्वीरें, हार्ड डिस्क और यूट्यूब अकाउंट का एक्सेस था।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि गौरव मिश्रा ने पूर्व में नौकरी से निकाले गए दुर्गेश कुमार सिंह के साथ मिलकर इन डिजिटल संसाधनों का कथित तौर पर दुरुपयोग किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस मामले में कार्यालय के कंप्यूटर और अन्य डिजिटल सामग्री की जांच के दौरान अनियमितताओं का पता चला।

कंप्यूटर से डेटा और दराज से दस्तावेज गायब होने का आरोप

शिकायत के अनुसार, कार्यालय के अन्य कर्मचारियों ने जब कंप्यूटर और दराज की जांच की तो डिजिटल डेटा के साथ कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी गायब मिले। आरोप है कि दोनों व्यक्तियों ने मंत्री के सरकारी लेटरपैड की कूटरचना की थी और उसका विभिन्न स्थानों पर इस्तेमाल करने की योजना बना रहे थे।

हालांकि, डेटा और दस्तावेजों के गायब होने, उनके कथित दुरुपयोग तथा लेटरपैड की कूटरचना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इन आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, डिजिटल साक्ष्यों की जांच

कोतवाली इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सिंह के अनुसार, दिव्यांश शेखर सिंह की तहरीर के आधार पर गौरव मिश्रा और दुर्गेश कुमार सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस डिजिटल डेटा और दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले की गहनता से जांच कर रही है।

जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों, संबंधित दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल, पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि डेटा और दस्तावेजों के गायब होने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं और सरकारी लेटरपैड के कथित दुरुपयोग की योजना से जुड़े आरोपों में कितनी सच्चाई है।

Location :  Lucknow

Published :  24 October 2026, 4:39 PM IST

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