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50 हजार का इनामी लखनऊ से गिरफ्तार (Img: AI Generated)
Meerut: मेरठ के तक्षशिला कॉलोनी में बड़ी रकम लूटने की कथित योजना से जुड़ा कुनाल उर्फ कुलदीप त्यागी एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया। बुलंदशहर में हत्या से लेकर चोरी और एटीएम तोड़ने की कोशिश तक के मामलों का जिक्र पूछताछ में सामने आया। आखिर पुलिस से बचने के लिए वह कहां-कहां छिप रहा था और लखनऊ में कैसे पकड़ा गया? पढ़िए पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने 24 अक्टूबर 2026 को मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र में दर्ज एक मुकदमे में वांछित 50 हजार रुपये के इनामी कुनाल उर्फ कुलदीप त्यागी को लखनऊ से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी सुबह करीब 8:30 बजे जानकीपुरम थाना क्षेत्र के सब्जी मंडी तिराहे पर हुई।
आरोपी कुनाल उर्फ कुलदीप त्यागी, राकेश त्यागी का बेटा है और बुलंदशहर जिले के खुर्जा देहात थाना क्षेत्र के गांव गंवा का निवासी है। एसटीएफ के मुताबिक, मेरठ के मेडिकल थाने में दर्ज मुकदमे में उसकी तलाश की जा रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।
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एसटीएफ उत्तर प्रदेश को फरार और इनामी अपराधियों के सक्रिय होने और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद विभिन्न टीमों को सूचना जुटाने और कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसी क्रम में नोएडा स्थित एसटीएफ फील्ड यूनिट ने अपर पुलिस अधीक्षक राज कुमार मिश्रा के पर्यवेक्षण और पुलिस उपाधीक्षक नवेन्दु कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई की। उप निरीक्षक दीपक कुमार की टीम को 24 अक्टूबर को सूचना मिली कि कुनाल लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में मौजूद है।
सूचना की पुष्टि और आगे की कार्रवाई के बाद टीम ने संबंधित मामले के विवेचना अधिकारी को जानकारी दी और उन्हें साथ लेकर आरोपी को सब्जी मंडी तिराहे से गिरफ्तार कर लिया।
एसटीएफ के अनुसार, पूछताछ में कुनाल ने अपनी उम्र करीब 25 वर्ष और पढ़ाई 12वीं तक बताई। उसने बताया कि वर्ष 2018 में करीब 17 साल की उम्र में उसने अपने बुआ के बेटे मनीष के साथ गांव के राधा स्वामी आश्रम में चोरी की थी। नाबालिग होने के कारण दोनों को बुलंदशहर के बाल सुधार गृह भेजा गया, जहां वे करीब पांच से छह महीने रहे।
इसके बाद कुलदीप ने अपने साथी सूरज और सौरभ के साथ बुलंदशहर के डीएवी कॉलेज के पास स्थित बैंक का एटीएम तोड़कर लूटने की कोशिश की। हालांकि, एटीएम नहीं टूट सका। इस मामले में कोतवाली बुलंदशहर में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने सूरज और सौरभ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि कुनाल फरार रहा।
पूछताछ में सामने आया कि गांव में जमीन के पुराने विवाद के चलते कुनाल ने अपने साथियों विपिन पुत्र खन्नू, प्रेमपाल और ओमप्रकाश पुत्र सत्यप्रकाश आदि के साथ मिलकर सतवीर पुत्र धर्मपाल की गोली मारकर हत्या की थी। इस मामले में खुर्जा देहात थाने में वर्ष 2023 में हत्या और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ।
इस केस में कुनाल गिरफ्तार हुआ और करीब डेढ़ साल जेल में रहा। जेल के दौरान उसकी मुलाकात बुलंदशहर के चोला थाना क्षेत्र के दाउदपुर निवासी मनीष सोलंकी पुत्र मुनेश से हुई।
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एसटीएफ के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद कुलदीप अपने जेल के साथी मनीष, हर्ष और विक्की उर्फ विकास के साथ मेरठ की तक्षशिला कॉलोनी में एक घर से बड़ी रकम लूटने की योजना में शामिल हो गया।
15 अप्रैल 2025 को ये लोग मेडिकल थाना क्षेत्र में स्थित एक घर में कथित तौर पर लूट के इरादे से घुसे। घरवालों ने विरोध किया और हाथापाई के साथ शोर मचाया, जिसके बाद आरोपी मौके से भाग गए। इस घटना के संबंध में मेडिकल थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसी मामले में कुनाल फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एसटीएफ से मिली जानकारी के अनुसार, कुनाल उर्फ कुलदीप के खिलाफ बुलंदशहर और मेरठ में पांच मुकदमे दर्ज होने की जानकारी है। इनमें खुर्जा नगर थाने का वर्ष 2018 का चोरी से संबंधित मामला, बुलंदशहर कोतवाली के वर्ष 2022 और 2024 के मामले, खुर्जा देहात थाने का वर्ष 2023 का हत्या का मामला और मेरठ के मेडिकल थाने का लूट की कोशिश से जुड़ा मुकदमा शामिल है।
गिरफ्तार आरोपी को मेरठ के मेडिकल थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 118/2025 में दाखिल किया गया है। एसटीएफ के अनुसार, उसके अन्य गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। आगे की वैधानिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस कर रही है।
Location : Meerut
Published : 24 October 2026, 7:35 PM IST