मां अस्पताल में करती थी काम, बेटे ने गायब कर दिए डॉक्टर के रुपये, झांसी में 19 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

झांसी के चिरंजीवी हॉस्पिटल में डॉक्टर के लॉकर से कथित तौर पर एक साल तक रुपये चोरी करने के मामले में पुलिस ने 19 वर्षीय दीपांशु अडजरिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसकी मां और सौतेले पिता को भी वांछित बताया है...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 24 October 2026, 7:08 PM IST
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Jhansi News: झांसी में एक अस्पताल के डॉक्टर के लॉकर से कथित तौर पर लगातार रुपये चोरी करने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, मेडिकल रोड स्थित चिरंजीवी हॉस्पिटल में डॉक्टर के लॉकर से करीब एक साल तक रकम चोरी किए जाने के आरोप में 19 वर्षीय दीपांशु अडजरिया को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से 10 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मामले में उसकी मां ज्योति अडजरिया और सौतेले पिता रामनरेश को भी वांछित बताया है। हालांकि, सभी आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी बाकी है।

डॉक्टर के लॉकर से रुपये चोरी करने का आरोप

मामला झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, चिरंजीवी हॉस्पिटल के डॉक्टर संजय त्रिपाठी की शिकायत पर चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि दीपांशु कैंची की मदद से लॉकर खोलकर उसमें रखे रुपये निकालता था।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और 24 अक्टूबर को आरोपी को सखी के हनुमान मंदिर के पास हाईवे किनारे जे.डी.ए. कॉलोनी जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर ने घटना के समय एक लाख रुपये बरामद किए जाने की बात भी बताई है। यह रकम और आरोपी से बरामद 10 हजार रुपये मामले की जांच के अलग-अलग पहलू हैं।

कभी 10 हजार तो कभी 15 हजार रुपये निकालने का दावा

पुलिस के प्रेस नोट के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर पिछले एक साल से चोरी करने की बात स्वीकार की। बताया गया कि लॉकर की चाबी बाथरूम के बाहर बनी वार्डरोब की दराज में रखी रहती थी। आरोप है कि इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर आरोपी कभी 10 हजार तो कभी 15 हजार रुपये निकाल लेता था।

पुलिस अब चोरी की कथित रकम और उससे जुड़े लेनदेन के पहलुओं की जांच कर रही है। आरोपी के बयान और बरामदगी से संबंधित तथ्यों की पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।

चोरी की रकम से कार, बाइक और ऑटो खरीदने का आरोप

पुलिस प्रेस नोट में यह भी दावा किया गया है कि चोरी की रकम से आरोपी के परिजनों ने पुरानी अर्टिगा कार, मोटरसाइकिल और ऑटो खरीदे थे। इन वाहनों की किस्तें भी कथित तौर पर चोरी के पैसों से चुकाई जाती थीं।

इसी मामले में पुलिस ने आरोपी की मां ज्योति अडजरिया और सौतेले पिता रामनरेश को वांछित बताया है। हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस की जांच में कथित रकम, संपत्तियों की खरीद और संबंधित लेनदेन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

पकड़े जाने के बाद झांसी से बाहर जाने की कोशिश का दावा

पुलिस के अनुसार, आरोपी 22 अक्टूबर को कथित तौर पर चोरी करते हुए पकड़े जाने के बाद पुलिस के डर से झांसी छोड़कर बाहर जाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसे गिरफ्तार किया गया। नवाबाद पुलिस के मुताबिक, आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।

मामले में अब जांच का अहम पहलू कथित चोरी की रकम का पता लगाना और उससे खरीदी गई संपत्तियों से जुड़े लेनदेन की पड़ताल करना है। पुलिस की जांच और न्यायालय की कार्यवाही के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में किन लोगों की क्या भूमिका रही।

Location :  Jhansi

Published :  24 October 2026, 7:08 PM IST

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