श्रमिकों से मिलने नोएडा पहुंचे सपा नेताओं ने कहा-कई मजदूर गायब, फर्जी मुकदमे लिखे गये

सोमवार को नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। श्रमिकों ने कई कंपनियों की इमारतों में तोड़फोड़ की और वाहनों में आग लगा दी।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 17 April 2026, 1:42 PM IST

Noida: नोएडा में सोमवार को वेतन बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर श्रमिकों के प्रदर्शन और इस दौरान उपजे उपद्रव और हिंसा के बाद समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज शुक्रवार को पीड़ित श्रमिकों से मिलने के लिए नोएडा पहुंचा। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में पहुंचे डेलिगेशन को जगह-जगह पुलिस द्वारा रोका गया।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे ने कहा कि पुलिस ने उन्हें श्रमिकों से मिलने से रोक दिया। उन्होंने कहा, "यहां की कंपनियों के श्रमिकों का लंबे समय से शोषण हो रहा है और सरकार भी कंपनियों के साथ खड़ी है। वे इस शोषण के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। न तो प्रशासन ने इस पर ध्यान दिया और न ही नियुक्त श्रम आयुक्त या श्रम निरीक्षक ने उनके शोषण के खिलाफ कोई कार्रवाई की।"

उन्होंने कहा, "जब सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया, तो स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उन्हें लाठीचार्ज करना पड़ा। हम यहां कुछ भी गड़बड़ी करने नहीं आए हैं। हम तो सिर्फ उन लोगों का हालचाल जानने आए हैं जिनके साथ अन्याय हुआ है। देखते हैं पुलिस हमें कहां ले जाती है और क्या करती है।"

इससे पहले नोएडा में डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत में सपा विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि कई श्रमिकों को जेल में बंद कर दिया गया है और कई श्रमिकों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है। श्रमिकों के साथ बहुत बुरा किया गया। ये सरकार न जाने क्या छुपाना चाहती है।

पुलिस द्वारा उनको रोके जाने के सवाल के जवाब में अतुल प्रधान ने कहा कि पुलिस और सरकार कुछ छुपाना चाहती है। इसलिये हमको उनसे मिलने से रोका जा रहा है।

Location :  Noida

Published :  17 April 2026, 1:42 PM IST