राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा अपडेट, नई SIT ने संभाली जांच की कमान; वर्चुअल बैठक में खंगाला पूरा ब्योरा

अयोध्या राम मंदिर की दान पेटिकाओं से चढ़ावा चोरी के मामले में गठित नई एसआईटी ने जांच की कमान संभाल ली है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यूपी सरकार ने 26 जुलाई को नई टीम गठित की थी। टीम के तीनों अधिकारियों ने वर्चुअल बैठक कर अब तक की जांच, पुलिस कार्रवाई, आरोपियों से पूछताछ और सामने आए साक्ष्यों की जानकारी ली है। अब आगे की विवेचना एसआईटी की निगरानी में होगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 July 2026, 8:27 PM IST

Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में अब जांच ने नया मोड़ ले लिया है। नई एसआईटी ने जांच की कमान संभालते हुए काम शुरू कर दिया है। अभी टीम की औपचारिक बैठक नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक तीनों अधिकारियों ने वर्चुअल बैठक कर अब तक हुई पुलिस कार्रवाई और जांच का पूरा अपडेट लिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गठित इस नई एसआईटी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पहले से हुई जांच को समझना और आगे की विवेचना की दिशा तय करना है। टीम आरोपियों से हुई पूछताछ, अब तक जुटाए गए साक्ष्यों और संपत्तियों से जुड़े तथ्यों समेत पूरे मामले की समीक्षा करेगी।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बनी नई SIT

राम मंदिर की दान पेटिकाओं से चढ़ावे की चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को नई एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 26 जुलाई को नई टीम का गठन किया। नई एसआईटी में लखनऊ की आईजी किरण एस, अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा और अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को शामिल किया गया है।

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वर्चुअल बैठक में लिया अब तक की जांच का अपडेट

एसआईटी के गठन के बाद तीनों अधिकारियों ने आपस में समन्वय स्थापित करने के लिए वर्चुअल बैठक की। बताया जा रहा है कि बैठक में अब तक हुई जांच और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई के बारे में जानकारी ली गई। टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि अभी तक जांच किन बिंदुओं पर आगे बढ़ी है और किन पहलुओं पर आगे काम करने की जरूरत है।

आरोपियों से पूछताछ से लेकर संपत्तियों तक होगी जांच

नई एसआईटी के सामने अब तक की विवेचना को व्यवस्थित तरीके से देखने की जिम्मेदारी होगी। इसमें आरोपियों से हुई पूछताछ, उनके बयानों, सामने आए साक्ष्यों और मामले से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण तथ्यों की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा आरोपियों और मामले से जुड़े लोगों की संपत्तियों से संबंधित तथ्यों को भी जांच के दायरे में देखा जाएगा। एसआईटी यह भी तय करेगी कि जांच को आगे बढ़ाने के लिए किन पहलुओं पर नए सिरे से काम करने की जरूरत है।

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डीआईजी और SSP पहले से कर रहे थे निगरानी

नई एसआईटी में शामिल किए गए डीआईजी सोमेन बर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर इस मामले से पूरी तरह अलग नहीं थे। अब तक स्थानीय पुलिस की जांच इन्हीं अधिकारियों की निगरानी में चल रही थी। पुलिस की कार्रवाई और विवेचना के दौरान उठाए जाने वाले कदम भी उनके पर्यवेक्षण में लिए जा रहे थे। हालांकि उनकी भूमिका अब तक स्थानीय स्तर पर जांच की निगरानी तक सीमित थी।

Location :  Ayodhya

Published :  29 July 2026, 8:27 PM IST