महराजगंज के नौतनवा में भारत-नेपाल सीमा पर मूर्तियों की तस्करी का मामला सामने आया है। पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में बरवाकला अंडरपास के पास एक कार से भगवान बुद्ध की पीली धातु की प्रतिमा बरामद की गई। इस मामले में एक नेपाली नागरिक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से नकदी और मोबाइल भी बरामद हुए।

मूर्ति तस्करों का भंडाफोड़
Maharajganj: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के नौतनवा क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर मूर्तियों की तस्करी का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई। पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की संयुक्त टीम ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
जानकारी के अनुसार नौतनवा थाना क्षेत्र में बरवाकला अंडरपास के पास पुलिस और एसएसबी ने एक कार को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान कार से पीली धातु की भगवान बुद्ध की एक प्रतिमा बरामद हुई। इसके साथ ही आरोपियों के पास से पचास हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और एक कार भी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार बरामद कार का नंबर UP56BC3219 है। प्राथमिक जांच में यह मामला मूर्ति तस्करी से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि पुलिस और एसएसबी को पहले से ही इस तस्करी की सूचना मिल चुकी थी। एक मुखबिर ने जानकारी दी थी कि कुछ लोग कीमती मूर्तियों को भारत से नेपाल ले जाने की तैयारी में हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने बरवाकला अंडरपास के पास घेराबंदी कर वाहन चेकिंग शुरू कर दी।
इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोका गया, जिसमें सवार दो लोगों की तलाशी लेने पर भगवान बुद्ध की पीली धातु की प्रतिमा बरामद हो गई। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से नकदी और मोबाइल फोन भी मिले। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया और उन्हें पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में एक भारत और एक नेपाल का निवासी है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान विद्यासागर पुत्र गजेंद्र केवट निवासी थाना ठूठीबारी, महराजगंज और रामसिंह पासी पुत्र सुमेर निवासी नेपाल के रूप में हुई है। पुलिस अब इस मामले में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद प्रतिमा कहां से लाई गई थी और इसे नेपाल में किसे सौंपा जाना था। अधिकारियों का मानना है कि यह किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़ा मामला भी हो सकता है।
गौरतलब है कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में समय-समय पर मादक पदार्थों, प्राचीन वस्तुओं और अन्य मूल्यवान सामानों की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। सीमा सुरक्षा में तैनात एसएसबी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से ऐसे कई मामलों का खुलासा भी हुआ है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मूर्ति तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।