महराजगंज से बड़ी खबर: SDM ऑफिस में बवाल, BJP मंडल अध्यक्ष को लेखपाल ने कूटा, DM ने उतारा आरोपी का भूत, जानिये हैरान करने वाला विवाद

महराजगंज के निचलौल तहसील में कथित रिश्वतखोरी और मारपीट का मामला तूल पकड़ गया है। बीजेपी मंडल अध्यक्ष ने लेखपाल पर एक लाख रुपये लेने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।

महराजगंज: जिले की निचलौल तहसील एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। यहां एक लेखपाल पर रिश्वत लेने, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और बीजेपी मंडल अध्यक्ष के साथ मारपीट करने जैसा गंभीर मामला प्रकाश में आया है। उसके बाद जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने आरोपी लेखपाल को  तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है।

शिकायती पत्र में आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार करमहिया गांव निवासी एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष जीयन प्रसाद ने जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि 19 जून 2026 को उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी लेकर जा रही थी, जिसे लेखपाल मनीष पटेल तहसील प्रशासन ने पकड़कर थाना निचलौल में खड़ा करा दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके पास खनन विभाग की अनुमति और वाहन से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद थे, इसके बावजूद वाहन छोड़ने के एवज में लेखपाल मनीष पटेल ने कथित रूप से एक लाख रुपये की मांग की और राशि लेने के बाद देर रात वाहन छोड़ा गया।

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बातचीत के दौरान विवाद बढ़ा

जीयन प्रसाद का आरोप है कि जब उन्होंने अगले दिन लेखपाल से रुपये लेने का कारण पूछा तो उन्हें सोमवार को तहसील आने के लिए कहा गया। बाद में SDM सिद्धार्थ गुप्ता के सामने उनके कार्यालय में बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक लेखपाल ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उनके साथ मारपीट की, चेहरे पर थूक दिया और जान से मारने की धमकी भी दी।

कागजात न मिलने के कारण वाहन को थाने लाया गया

मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार निचलौल से जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि पुलिस की सूचना पर राजस्व टीम मौके पर पहुंची थी और आवश्यक कागजात न मिलने के कारण वाहन को थाने लाया गया था। हालांकि बाद में दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने पर वाहन छोड़ दिया गया। जांच रिपोर्ट में लेखपाल की भूमिका को प्रथम दृष्टया संदिग्ध माना गया है।

नियुक्त किया गया जांच अधिकारी

इसी आधार पर जिलाधिकारी ने लेखपाल मनीष पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया अनुचित लाभ प्राप्त करने और कार्यालय परिसर में अनुशासनहीनता बरतने के आरोप गंभीर हैं। मामले की विस्तृत विभागीय जांच के लिए तहसीलदार निचलौल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

Location :  Maharajganj

Published :  25 June 2026, 4:19 PM IST

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