बकाया भुगतान और GPS की कैद से मुक्ति की मांग! मैनपुरी में आंगनवाड़ी वेलफेयर एसोसिएशन का हल्ला बोल

मैनपुरी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल करने और GPS आधारित उपस्थिति व्यवस्था हटाने की मांग उठाई है। संगठन ने बकाया भुगतान को लेकर भी चिंता जताई।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 16 September 2026, 1:12 PM IST
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Mainpuri: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका वेलफेयर एसोसिएशन, शाखा मैनपुरी की ओर से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी मैनपुरी को सौंपा गया। प्रदेश उपाध्यक्ष व जिला अध्यक्ष सरिता शाक्य के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर आवाज उठाई।

​पत्र के माध्यम से एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा और यूनिफॉर्म के लिए 500 रुपये की बढ़ोतरी के निर्णय का धन्यवाद किया। हालांकि, कार्यकर्ताओं ने वर्तमान व्यवस्था में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

​प्रमुख मांगें और समस्याएं

​प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में जोड़ना: वर्तमान में मानदेय में 1500 रुपये की वृद्धि और 2500 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में तय किए गए हैं। कार्यकर्ताओं की मांग है कि इस 2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में ही शामिल किया जाए, ताकि हर महीने इसका निश्चित भुगतान हो सके।

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​लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पूर्व की प्रोत्साहन राशि का भुगतान कई जनपदों में नियमित नहीं हो पा रहा है। कई स्थानों पर महीनों, यहां तक कि साल भर से राशि बकाया है, जिससे बहुत कम कार्यकर्ताओं को इसका सही लाभ मिल पा रहा है।

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​GPS लोकेशन व्यवस्था का विरोध

पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से केंद्र खोलने और संचालित करने के लिए अनिवार्य की जा रही GPS व्यवस्था का कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध किया है।

​कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की भारी समस्या रहती है और कई कार्यकर्ताओं के पास आर्थिक तंगी के कारण मोबाइल रिचार्ज कराने तक का बजट नहीं होता। ऐसी स्थिति में GPS आधारित उपस्थिति दर्ज करना बेहद कठिन है। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण, बैठकों, रैलियों व अन्य विभागीय कार्यों से केंद्र से बाहर रहने पर GPS के कारण केंद्र बंद होने की स्थिति दर्ज होती है, जिससे मानदेय पर असर पड़ता है।

​एसोसिएशन ने मांग की है कि प्रोत्साहन राशि को मूल मानदेय में शामिल कर नियमित भुगतान किया जाए, बकाया राशि का शीघ्र निस्तारण हो और GPS व्यवस्था लागू न की जाए।

Location :  Mainpuri

Published :  16 September 2026, 1:12 PM IST

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