
महाराजगंज में खाकी हुई हाईटेक (Img- Dynamite News)
Maharajganj: उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) शक्ति मोहन अवस्थी ने एक बेहद आधुनिक और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मंगलवार की देर रात तक तथागत सभागार में चली मैराथन अपराध समीक्षा बैठक महज कागजी कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह अपराधियों के खिलाफ एक बड़े 'डिजिटल हंट' की शुरुआत है।
एसपी ने साफ कर दिया है कि अब पुलिसिंग सिर्फ थाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तकनीक और फील्ड रिपोर्टिंग के तालमेल से अपराधियों की रीढ़ तोड़ी जाएगी।
इस बैठक का सबसे नया और बड़ा एंगल तकनीक का इस्तेमाल है। एसपी ने निर्देश दिया है कि 'यक्ष' (Yaksha) ऐप के जरिए जिले के हर हिस्ट्रीशीटर और सक्रिय अपराधी की पल-पल की मूवमेंट ट्रैक की जाएगी।
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अब हर बीट अधिकारी को अनिवार्य रूप से हर दो दिन (48 घंटे) के भीतर कम से कम 15 नई सूचनाएं इस ऐप पर अपलोड करनी होंगी। इससे न केवल अपराधियों की हरकतों पर नजर रहेगी, बल्कि संदिग्धों का एक मजबूत डिजिटल डेटाबेस भी तैयार होगा।
नेपाल सीमा से सटे होने के कारण महाराजगंज की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी ने विशेष सुरक्षा घेरा तैयार किया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में बन रहे नए भवनों, नए मदरसों और किसी भी तरह की संदिग्ध हलचल की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
इस संवेदनशील डेटा को भी सीधे 'यक्ष' ऐप पर फीड किया जाएगा। इसके अलावा, तस्करी और अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए भी थाना प्रभारियों की सीधी जवाबदेही तय की गई है।
संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एसपी ने 'मिसिंग चाइल्ड पोर्टल' को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। अब हर थाने में इसके लिए एक विशेष नोडल अधिकारी तैनात होगा, जो लापता बच्चों की तलाश में तुरंत एक्शन लेगा।
इसके साथ ही महिलाओं के खिलाफ अपराध, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के मामलों को तय समय में निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। 'एनसीएल पोर्टल' पर 60 और 90 दिनों से लंबित मुकदमों की अब रोजाना मॉनिटरिंग होगी, जिससे न्याय मिलने में देरी न हो।
Location : Maharajganj
Published : 15 July 2026, 11:40 AM IST