महराजगंज पुलिस लाइन के आरटीसी में पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए अनुशासन, जनसेवा और आधुनिक पुलिसिंग के महत्व पर जोर दिया।

एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने पुलिस प्रशिक्षुओं को दिया जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का मंत्र”
Maharajganj: महराजगंज पुलिस लाइन में आज का दिन सिर्फ एक औपचारिक संबोधन नहीं था, बल्कि उन युवाओं के लिए एक सख्त संदेश था जो आने वाले समय में कानून के रखवाले बनने जा रहे हैं। यहां शब्दों में सिर्फ सलाह नहीं थी, बल्कि जिम्मेदारी का भार था- एक ऐसी जिम्मेदारी, जहां छोटी सी चूक भी आम आदमी की सुरक्षा पर भारी पड़ सकती है। पुलिस अधीक्षक ने साफ कर दिया कि वर्दी पहनना आसान है, लेकिन उसके सम्मान को बनाए रखना ही असली चुनौती है।
महराजगंज जनपद की पुलिस लाइन स्थित आरटीसी (रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर) में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षुओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा के मूलभूत सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा की।
एसपी ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस बल का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और आम जनता में सुरक्षा की भावना को स्थापित करना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एक आदर्श पुलिसकर्मी बनने की नींव प्रशिक्षण काल में ही रखी जाती है। इसलिए इस समय सीखे गए मूल्य और कौशल ही आगे चलकर एक अधिकारी के व्यक्तित्व को गढ़ते हैं।
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अपने संबोधन में एसपी ने प्रशिक्षुओं को खास तौर पर जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि उसकी कार्यशैली और व्यवहार से बनती है। यदि पुलिसकर्मी का रवैया सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्ण होगा, तो जनता का विश्वास अपने आप मजबूत होगा। उन्होंने यह भी कहा कि हर पुलिसकर्मी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान आधुनिक पुलिसिंग की जरूरतों को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। एसपी ने साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षुओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में अपराध के तरीके बदल रहे हैं, इसलिए पुलिस को भी खुद को लगातार अपडेट रखना होगा। इसके अलावा भीड़ नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, अपराध नियंत्रण की रणनीतियों और प्रभावी जनसुनवाई प्रणाली पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और कठिन परिस्थितियों में सूझबूझ से काम करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर मौजूद अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी लाइन ने भी प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अनुशासन के कड़ाई से पालन करने, शारीरिक रूप से फिट रहने और मानसिक रूप से मजबूत बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में केवल शारीरिक शक्ति ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और धैर्य भी उतना ही जरूरी है। प्रशिक्षण को गंभीरता और समर्पण के साथ ग्रहण करना ही सफलता की कुंजी है।