
अनन्या हॉस्पिटल में जांच का शिकंजा
Maharajganj: तहसील रोड स्थित अनन्या हॉस्पिटल में 36 वर्षीय विनोद की इलाज के दौरान मौत के मामले में शुक्रवार को तीन सदस्यीय जाँच टीम हॉस्पिटल पहुँची। डॉक्टर वीरेंद्र आर्या के नेतृत्व में पहुँची टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीज के इलाज से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। जाँच के दौरान हॉस्पिटल में कई कमियाँ सामने आने की बात कही गई है।
टीम के अनुसार हॉस्पिटल का पंजीकरण मौजूद मिला, लेकिन बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण और साफ-सफाई की व्यवस्था मानकों के अनुरूप नहीं मिली। वहीं जाँच के दौरान यह भी सामने आया कि लोटन क्षेत्र में तैनात एक सरकारी चिकित्सक हॉस्पिटल में ड्यूटी के लिए आते हैं। टीम ने इसकी जानकारी सीएमओ को देने की बात कही है, जिसके आधार पर विभागीय कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
अनन्या हॉस्पिटल की बढ़ी मुश्किलें
खाँसी और सांस फूलने की शिकायत के बाद परिजन विनोद को अनन्या हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने तीन सदस्यीय जाँच टीम गठित की थी।
जाँच टीम के मुताबिक मृतक के परिजनों से भी पूछताछ की गई, लेकिन उन्होंने फिलहाल किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहने की बात कही है।
जाँच के दौरान मरीज को दी गई दवाओं की पर्ची भी देखी गई। टीम के अनुसार पर्ची पर लिखी दवाएं सामान्य थीं और मरीज में पहले से गंभीर संक्रमण था, जिसके चलते उसकी मौत होने की बात सामने आई।
हालांकि, डाइनामाइट न्यूज़ के हाथ लगी विनोद नाम की एक दूसरी पर्ची ने पूरे मामले की जाँच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सवाल यह है कि क्या अस्पताल में मरीज के इलाज से संबंधित दो अलग-अलग पर्चियां थीं? अगर दोनों पर्चियां एक ही मरीज की हैं तो उनके बीच अंतर क्यों है? क्या जाँच टीम के सामने रखी गई पर्ची ही वास्तविक उपचार की पूरी तस्वीर बताती है?
जाँच टीम के सदस्य डॉक्टर वीरेंद्र आर्या ने बताया कि हॉस्पिटल में एक डॉक्टर मौजूद मिला, जबकि अन्य डॉक्टरों के ऑन-कॉल बुलाए जाने की बात सामने आई। उन्होंने बताया कि जाँच में यह भी पाया गया कि लोटन के एक डॉक्टर, जो सिद्धार्थनगर में सरकारी चिकित्सक के पद पर तैनात हैं, इस हॉस्पिटल में आते हैं। इसकी जानकारी सीएमओ को दे दी गई है।
वहीं, हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अमित चौधरी के स्वयं सिद्धार्थनगर में सीएचसी अधीक्षक पद पर तैनात होने की बात सामने आने के बाद मामला और गंभीर नजर आ रहा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मरीज की मौत की जाँच में सामने आई दो पर्चियों का सच क्या है और सरकारी चिकित्सक की निजी अस्पताल में ड्यूटी के मामले में स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है? इन सवालों के जवाब विभागीय रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होंगे।
Location : Maharajganj
Published : 5 September 2026, 1:19 AM IST