जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए एक माह में अपेक्षित प्रगति न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। प्रति आयुष्मान आईडी न्यूनतम 10 कार्ड बनाने, आयुष्मान सेल के गठन और रोजाना ब्लॉकवार रिपोर्टिंग के निर्देश दिए।

आयुष्मान कार्ड निर्माण में सुस्ती पर डीएम सख्त
Maharajganj: आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब और पात्र परिवारों को निःशुल्क इलाज की सुविधा देने के मकसद से चल रहे आयुष्मान कार्ड निर्माण की रफ्तार महराजगंज में फिलहाल जिलाधिकारी को रास नहीं आई। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने योजना की प्रगति की गहन समीक्षा की और बीते एक महीने में बेहद धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह योजना आम जनता से जुड़ी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.एन. प्रसाद ने जिलाधिकारी को आयुष्मान कार्ड निर्माण की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जनपद में अब तक कुल 8 लाख 31 हजार 879 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, लेकिन 1 जनवरी से 31 जनवरी के बीच महज 6 हजार 60 कार्ड ही बन पाए हैं। यह आंकड़ा सुनते ही जिलाधिकारी ने असंतोष जताया और इसे योजना के उद्देश्यों के विपरीत बताया।
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि जिले में कुल 1 हजार 473 आयुष्मान आईडी उपलब्ध हैं, जिनमें से 782 आईडी नई बनाई गई हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक आयुष्मान आईडी के माध्यम से न्यूनतम 10 आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बनाए जाएं, ताकि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि केवल आंकड़े बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि वास्तविक जरूरतमंदों तक सुविधा पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई तो संबंधित बीसीपीएम, बीपीएम और एमओआईसी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने जनपद स्तर पर नियमित और प्रभावी निगरानी के लिए आयुष्मान सेल के गठन के निर्देश भी दिए और कहा कि प्रतिदिन ब्लॉकवार प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए जीवन रेखा जैसी है। यह योजना बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की उदासीनता, ढिलाई या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.एन. प्रसाद, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश द्विवेदी सहित जनपद के सभी एमओआईसी, चिकित्सा अधीक्षक और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।