लखनऊ विवि में बवाल: हॉस्टल की मेस के खाने में कीड़ा मिलने पर फूटा छात्राओं का गुस्सा, तीन की तबियत बिगड़ी

लखनऊ विश्वविद्यालय के कैलाश हॉस्टल की मेस में खाने में कीड़े मिलने से भड़की छात्राओं ने वीसी ऑफिस के बाहर रात डेढ़ बजे तक धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान तीन छात्राएं बेहोश हो गईं। हालात बिगड़ते देख चीफ प्रोवोस्ट ने मेस बंद करने का आदेश जारी किया।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 1 October 2026, 8:57 AM IST

Lucknow: लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) के परिसरों में मेस के खाने को लेकर छात्रों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच चुका है। बुधवार शाम को कैलाश हॉस्टल की मेस में परोसे गए भोजन में कीड़े निकलने की शिकायत पर छात्राओं का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में छात्राएं शाम साढ़े पांच बजे सीधे कुलपति कार्यालय पहुंच गईं। हालांकि, जब वहां कुलपति और कुलसचिव मौजूद नहीं मिले, तो आक्रोशित छात्राओं ने नारेबाजी शुरू कर दी और कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गईं। यह प्रदर्शन बुधवार रात 01:30 बजे तक यानी करीब आठ घंटे तक लगातार जारी रहा। इस दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि ठंड और थकान के बीच तीन छात्राएं बेहोश तक हो गईं।

बंद दरवाजों के बीच अंधेरे में चलता रहा रातभर विरोध

रात करीब 10:30 बजे तक जब कुलपति मौके पर नहीं पहुंचे, तो छात्राओं का गुस्सा और बढ़ गया और उन्होंने कुलपति आवास की ओर मार्च करना शुरू कर दिया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें रोकने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने गेट नंबर तीन पर ताला जड़ दिया और वहां कोई सुरक्षा गार्ड भी मौजूद नहीं था। इसके बाद जब वे गेट नंबर चार पर पहुंचीं, तो वहां भी उन्हें ताला बंद मिला।

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आधी रात यानी करीब 12 बजे तक 70 से अधिक छात्राएं अंधेरे के बीच विवि परिसर में डटी रहीं। प्रदर्शनकारी छात्राओं ने बताया कि मेस में लंबे समय से भारी गंदगी फैली रहती है और पिछले एक महीने से लगातार खाने में कीड़े निकल रहे हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कुछ दिन पहले खुद कुलपति ने हॉस्टल का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने के सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन जमीन पर हालात जस के तस बने हुए हैं।

अधिकारियों की स्वीकारोक्ति और छात्र संगठनों का समर्थन

हॉस्टल की प्रोवोस्ट डॉ बबिता ने भी प्रशासनिक दावों की पोल खोलते हुए स्वीकार किया कि मेस के भोजन की गुणवत्ता कुछ दिनों के लिए ठीक होती है और फिर से बदतर हो जाती है। कई बार मेस संचालक से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन उनकी कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आ रहा है।

इस लंबे धरने के दौरान छात्राओं के समर्थन में कई नेता और छात्र प्रतिनिधि भी पहुंचे। मौके पर चीफ प्रोवोस्ट प्रो आशीष अवस्थी और प्रोवोस्ट ओपी शुक्ला के अलावा एनएसयूआई के छात्र नेता प्रिंस प्रकाश तथा समाजवादी लोहिया वाहिनी के अभिषेक श्रीवास्तव बाबू भी मौजूद रहे। इस दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के तर्ज पर अनोखे और व्यंग्य भरे नारे गूंजे, जिसमें "एक कचौड़ी दो समोसा, मेस वालों पर नहीं भरोसा" जैसे जुमले खास तौर पर आकर्षण का केंद्र रहे।

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ठेका बदलने के बाद से क्यों उठ रहे हैं सवाल?

इस पूरी घटना के बाद सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर बीते एक महीने में ऐसा क्या बदलाव आया है कि छात्रावासों के विद्यार्थियों को लगातार मेस के खाने के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।

सूत्रों और अंदरूनी चर्चाओं के मुताबिक, कई वर्षों से जिस पुराने संचालक के पास मेस चलाने की जिम्मेदारी थी, उसे कुछ समय पहले ही हटाकर एक नई कंपनी को ठेका सौंप दिया गया है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद से ही इस तरह के विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हुआ है। हालांकि, विश्वविद्यालय का एक धड़ा यह भी अंदेशा जता रहा है कि इन लगातार हो रहे प्रदर्शनों के पीछे किसी अंदरूनी राजनीति या अन्य कारणों का भी हाथ हो सकता है। फिलहाल, बढ़ते दबाव और आधी रात तक चले हंगामे के बाद चीफ प्रोवोस्ट ने आखिरकार संबंधित हॉस्टल में मेस पूरी तरह बंद करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

Location :  Lucknow

Published :  1 October 2026, 8:57 AM IST