यूपी एसटीएफ ने बोगस कंपनियों का पंजीकरण कर जीएसटी चोरी करने के गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस अभियुक्तों के लिंक तलाश करने की कोशिश कर रही है।

जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
Lucknow: यूपी एसटीएफ ने यूपी के कई जनपदों में बोगस कंपनी खोलकर जीएसटी चोरी कर सरकार को करीब 100 करोड़ का चूना लगाने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ ने अभियुक्तों से 2 लैपटाप, 3 मोबाइल,1 आधार कार्ड, 1 पैन कार्ड,10 सिम कार्ड,2 मोहर और 4650 रुपए नकद बरामद किया है। एसटीएफ ने आरोपियों की गिरफ्तारी फील्ड इकाई नोएडा कार्यालय में पूछताछ के दौरान की।
अभियुक्तों की पहचान संदीप कुमार पुत्र स्व. मुकेश कुमार हरित विहार बुराडी, नार्थ दिल्ली और अमन उपाध्याय पुत्र छांगुर प्रसाद उपाध्याय निवासी संत नगर गली थाना बुराडी, दिल्ली नार्थ के रूप में की है।
एसटीएफ की टीम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली एवं जनपद गाजियाबाद में अभिसूचना संकलन हेतु भ्रमणशील थी। इस दौरान पुलिस को ज्ञात हुआ कि बोगस फर्मों का पंजीकरण कर बोगस इनवाइसेज तथा ई-वे बिल तैयार कर वास्तविक फर्मों को बेचकर करोडो रूपये की राजस्व क्षति पहुंचाने वाला गिरोह नई दिल्ली व दिल्ली एन०सी०आर क्षेत्र में सक्रिय है, जिनके सम्बन्ध में मुखबिर मामूर कर संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित करते हुये एसटीएफ फील्ड इकाई नोएडा में पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों से की गयी पूछताछ से ज्ञात हुआ कि संदीप एवं सौरभ द्वारा नई दिल्ली में एकाउण्टेसी सम्बन्धी कार्यों को किया जाता है, जहाँ पर अभियुक्त अमन व अजीत उसके साथ कार्य करते हैं। संदीप एवं सौरभ अपने उपरोक्त सहयोगियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्म बनाना, बिना किसी परचेज के बोगस सेल्स इनवाईस काटना, बोगस ई-वे बिल तैयार कर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करना एवं फर्जी जी०एस०टी० रिटर्न फाईल करने सम्बन्धी कार्य किया जाता है।
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उक्त कार्य संदीप सिंह द्वारा सौरभ की विभिन्न वास्तविक / बोगस फर्मों को लाभ पहुंचाने हेतु किया जाता है। सौरभ द्वारा जीएसटी नम्बर, माल/ सेवा की किस्म, मात्रा, कीमत का विवरण संदीप को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाता था, जिस पर वह अपने साथियों अमन व अजीत आदि के माध्यम से पूर्व में बनायी गयी बोगस फर्मों के सेल्स इनवाईस, ई-वे बिल आदि विवरण जी०एस०टी० पोर्टल पर अपलोड कराकर उक्त विवरण सम्बन्धित वास्तविक फर्म धारको को उपलब्ध करा दिया जाता था।
उक्त लेन-देन से सम्बन्धित धनराशि की पूर्ति बोगस फर्मों से कैश के माध्यम अथवा अन्य बोगस फर्मों से सकुर्लर ट्रेडिंग दिखाकर कर वास्तविक फर्म धारक कर लेता है। उक्त बैंक ट्रान्जेक्शन हेतु विभिन्न फर्मों के लागिन आई०डी०, पासवर्ड की एक्सेज अभियुक्तों के पास रहती है जिससे वह सम्बन्धित फर्मों से ओ०टी०पी० प्राप्त कर सुविधाजनक ढंग से लेन-देन करता रहता है।
अभियुक्तों द्वारा दिल्ली व इसके बार्डर के जनपदों में कई बोगस फर्मे पंजीकृत करायी गयी थी जिनके माध्यम से सर्कुलर ट्रेडिंग करते हुए स्वयं की एवं अन्य वास्तविक फर्मो को लाभ पहुँचाते हुए करोड़ो रूपये की जीएसटी चोरी कर राजस्व क्षति की गयी है।
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इन लोगो द्वारा यादव इण्टरप्राइजेज एवं अपनी अन्य बोगस फर्मों के माध्यम से प्रथम दृष्टया लगभग 100 करोड़ से अधिक धनराशि की जीएसटी चोरी कर राजस्व क्षति की गयी है। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।