खाते से उड़ गए थे 60 हजार से ज्यादा रुपये! फिर आगे जो हुआ…

साइबर ठगों ने मेहनत की कमाई पर डाका डाला, लेकिन झांसी पुलिस की साइबर सेल ने ठगों के मंसूबों पर चोट करते हुए पीड़ित के चेहरे पर मुस्कान लौटाने का काम किया है।

Updated : 24 October 2026, 9:00 PM IST

झांसी: साइबर ठगों ने मेहनत की कमाई पर डाका डाला, लेकिन झांसी पुलिस की साइबर सेल ने ठगों के मंसूबों पर चोट करते हुए पीड़ित के चेहरे पर मुस्कान लौटाने का काम किया है। प्रेमनगर थाना क्षेत्र में यूपीआई फ्रॉड के शिकार हुए मुस्ताक मोहम्मद अस्लम बक्स के खाते में कोर्ट के आदेश के बाद 60 हजार 658 रुपये वापस कराए गए हैं। हालांकि, ठगी की कुल रकम के मुकाबले यह वापसी अभी आंशिक है, क्योंकि बाकी धनराशि अलग-अलग बैंकों से वापस आना बाकी है।

अपराधियों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार

अब सवाल यह है कि साइबर ठग आखिर लोगों की गाढ़ी कमाई पर कब तक हाथ साफ करते रहेंगे? मोबाइल पर आने वाला एक फर्जी कॉल, एक संदिग्ध लिंक या यूपीआई के जरिए की गई धोखाधड़ी किसी की वर्षों की मेहनत की कमाई छीन सकती है। ऐसे में जागरूकता और समय पर शिकायत ही साइबर अपराधियों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।

साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई

झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के ईसाईटोला निवासी मुस्ताक मोहम्मद अस्लम बक्स के साथ 21 अगस्त 2025 को साइबर धोखाधड़ी हुई थी। शिकायत के अनुसार, इस मामले में कुल 3 लाख 97 हजार 100 रुपये की ठगी हुई। पीड़ित की साइबर शिकायत संख्या 23108250123645 दर्ज की गई। पुलिस की साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1 लाख 90 हजार 325 रुपये होल्ड कराए थे।

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इसके बाद थाना प्रेमनगर में 6 अप्रैल 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 125/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66D में मामला दर्ज किया गया। अब 24 अक्टूबर 2026 को न्यायालय के आदेश के माध्यम से पीड़ित के खाते में 60 हजार 658 रुपये वापस कराए गए हैं। शेष धनराशि की वापसी के लिए अलग-अलग बैंकों से प्रक्रिया बाकी बताई गई है।

इस कार्रवाई में थाना प्रेमनगर के प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक रविकांत शुक्ल, महिला कांस्टेबल सपना कुमारी और आरक्षी प्रिंस गौतम की भूमिका रही। पीड़ित ने झांसी पुलिस का आभार जताते हुए धन्यवाद पत्र भी दिया है।

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लेकिन याद रखिए—साइबर ठगी के मामले में लापरवाही भारी पड़ सकती है। अगर आपके साथ ऑनलाइन फ्रॉड होता है, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। जितनी जल्दी शिकायत होगी, रकम को होल्ड कराने और वापस दिलाने की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है, हालांकि पैसे की वापसी की गारंटी नहीं होती।

Location :  झांसी

Published :  24 October 2026, 8:59 PM IST