भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, सरकार को दी बड़ी चेतावनी

सोनभद्र में भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता गुट) ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करने, एमएसपी को कानूनी दर्जा देने, किसानों की कर्जमाफी, ₹5000 पेंशन और शिक्षा-चिकित्सा निःशुल्क करने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 16 February 2026, 5:04 PM IST

Sonbhadra: जनपद मुख्यालय पर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता गुट) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के नेताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की।

ट्रेड डील रद्द करने की उठी मांग

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश उपाध्यक्ष संत श्याम सुंदर दास ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां की अर्थव्यवस्था का आधार किसान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील से देश के किसानों को कोई लाभ नहीं होगा, बल्कि बड़े व्यापारिक घरानों को फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यापार समझौते से विदेशी कंपनियां भारतीय बाजार में अपना दबदबा बढ़ाएंगी और किसानों की उपज को उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा।

उन्होंने मांग की कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, क्योंकि इससे किसानों और छोटे व्यापारियों के हित प्रभावित होंगे।

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एमएसपी को कानूनी दर्जा देने पर जोर

किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। उनका कहना था कि जब तक एमएसपी पर कानून नहीं बनेगा, तब तक किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिल सकेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि एमएसपी गारंटी कानून बनाकर किसानों की आय सुनिश्चित की जाए।

पेंशन बढ़ाने और कर्ज माफी की मांग

ज्ञापन में वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन को बढ़ाकर ₹5000 प्रतिमाह करने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि वर्तमान पेंशन राशि महंगाई के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा पूरे देश के किसानों का कर्ज माफ करने की भी मांग की गई। नेताओं ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चितता के कारण किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं, इसलिए व्यापक कर्जमाफी की जरूरत है।

शिक्षा और चिकित्सा निःशुल्क करने की अपील

भारतीय किसान यूनियन ने पूरे देश में शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं को निःशुल्क करने की भी मांग उठाई। नेताओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे गरीब और किसान परिवारों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है।

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बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद

प्रदर्शन में प्रयागराज जिलाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा सहित मो अनवर खान, सरोज देवी, राज देव, रामदास समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

Location : 
  • Sonbhadra

Published : 
  • 16 February 2026, 5:04 PM IST