महराजगंज के विकास भवन में डीसी मनरेगा पर बर्खास्त कर्मचारी द्वारा असलहे के साथ हमला और मारपीट की घटना के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने डीएम से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।

डीएम से कड़ी कार्रवाई की मांग
Maharajganj: महराजगंज जनपद में विकास भवन परिसर उस समय सनसनी फैल गई, जब एक बर्खास्त कर्मचारी ने उपायुक्त श्रम रोजगार (डीसी मनरेगा) पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद पूरे प्रशासनिक तंत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। मामले को लेकर प्रादेशिक विकास सेवा संगठन, उत्तर प्रदेश की महराजगंज इकाई ने आपात बैठक बुलाकर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्सेमा से मिलकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, 18 मार्च 2026 की शाम उपायुक्त श्रम रोजगार गौरवेन्द्र सिंह अपने कार्यालय कक्ष में बैठकर शासकीय कार्य कर रहे थे। इसी दौरान घुघली ब्लॉक का पूर्व तकनीकी सहायक अरविन्द कुमार श्रीवास्तव अचानक उनके कार्यालय में पहुंच गया और दो वर्ष पूर्व के वेतन की मांग करने लगा।
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उपायुक्त द्वारा बताया गया कि तथ्यों को छिपाकर मानदेय लेने के मामले में उसके खिलाफ वेतन वसूली की आरसी जारी की गई है और मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। यह सुनते ही आरोपी भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए अचानक हमला कर दिया।
आरोपी ने डीसी मनरेगा के साथ मारपीट की, जिसमें उनके हाथ की उंगलियों, पेट और चेहरे पर चोटें आई हैं। इतना ही नहीं, आरोपी ने कार्यालय में रखी महत्वपूर्ण फाइलों को भी फाड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी के पास पिस्टल भी थी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
हमले के बाद आरोपी जाते-जाते जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। घटना के बाद विकास भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों में भय व्याप्त है और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना के विरोध में प्रादेशिक विकास सेवा संगठन की आपात बैठक जिला विकास अधिकारी के कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की। साथ ही सभी जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई।
अधिकारियों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर त्वरित कार्रवाई करने और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने की अपील की है, ताकि प्रशासनिक अधिकारियों का मनोबल बना रहे और वे निर्भीक होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।