
खातेदारों ने लगाई न्याय की गुहार image credit google
Gorakhpur: गोरखपुर खजनी थाना क्षेत्र के बन्दुआरी (बरी विन्दुआरी) गांव में पुलिस की मिलीभगत से जबरन जमीन कब्जाने का मामला सामने आया है। गुजरात में रह रहे भूमिधर नागेन्द्र त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि उनके पिता की ओर से दान विलेख द्वारा हस्तांतरित की गई जमीन पर बिना बंटवारे, बिना पैमाइश और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के दबंगों ने कब्जा करने की कोशिश शुरू कर दी है। वही सह खातेदार चंद्रभान यादव पुत्र रामलखन यादव ने थाने पर लिखित सूचना दिया फिर भी पुलिस एक न सुनी ।
नागेन्द्र त्रिपाठी पुत्र बागेश्वरी त्रिपाठी ने मीडिया को फोन पर बताया कि वह परिवार सहित गुजरात में रोजगार कर रहे हैं। उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर आसपास के प्रभावशाली लोग उनकी वैध भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौजा बरी विन्दुआरी, तहसील खजनी स्थित गाटा संख्या 187 ग, रकबा 0.097 हेक्टेयर जमीन उनके पिता बागेश्वरी उर्फ बागेश्वर प्रसाद त्रिपाठी के नाम दर्ज थी। 26 अगस्त 2023 को पिता ने दान विलेख के माध्यम से यह जमीन उनके नाम कर दी थी, जिसके बाद से उनका वैधानिक कब्जा था।
पुलिस की संरक्षण में कब्जे की कार्रवाई
पीड़ित ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनकी अनुपस्थिति में जमीन के पुराने सीमाचिह्न मिटा दिए। अब बिना राजस्व विभाग की पैमाइश और सीमांकन के जबरन कब्जा कराया जा रहा है। नागेन्द्र त्रिपाठी ने कहा, “मामला पूरी तरह राजस्व अभिलेखों और सीमांकन से जुड़ा है। फिर भी पुलिस की शह पर दबंग जमीन हड़पने की कोशिश कर रहे हैं।”पीड़ित परिवार ने प्रशासन से बार-बार गुहार लगाई है। उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर जमीन की पैमाइश और सीमांकन कराने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार ने 112 पर फोन भी किया, लेकिन पुलिस ने कोई सहयोग नहीं किया। उल्टा पुलिस की संरक्षण में कब्जे की कार्रवाई तेज हो गई है।
“मेरे चैंबर से बाहर निकल जाओ…” CJI सूर्यकांत ने सुनाया संघर्ष का किस्सा, कोर्टरूम में छा गया सन्नाटा
नागेन्द्र त्रिपाठी ने कहा, “हम गुजरात में हैं। यहां से अपनी जमीन की रक्षा करना बेहद मुश्किल हो गया है। पुलिस अगर दबंगों का साथ दे रही है तो आम आदमी का क्या होगा? हम केवल न्याय चाहते हैं।”सह खातेदार भी इस मामले को लेकर गुस्सा है। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन समय रहते हस्तक्षेप नहीं करता तो विवाद और बढ़ सकता है, जिससे तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो सकती है।
पीड़ित परिवार अब जिला प्रशासन एसडीएम खजनी और पुलिस अधीक्षक गोरखपुर से निष्पक्ष जांच, तत्काल पैमाइश और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी वैध जमीन नहीं लौटाई गई और दोषी बचाए गए तो वे उच्च न्यायालय तक जा सकते हैं।
यह मामला एक बार फिर उत्तर प्रदेश में भूमि माफिया और पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत के गंभीर सवाल को उठाता है। क्या गोरखपुर प्रशासन पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाएगा या फिर इस बार भी दबंगों की जीत होगी? पूरे मामले पर अब सभी की निगाहें प्रशासनिक अधिकारियों पर टिकी हुई हैं। उक्त मामले पर एसडीएम ख़जनी ने कहा सूचना मिलने पर कार्य रोक दिया गया ।
Location : Gorakhpur
Published : 8 May 2026, 8:12 PM IST
Topics : crime news Khajni Latest News UP News