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प्रतीकात्मक छवि (सोर्स- Pinterest)
Noida: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में बन रहा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) आने वाले समय में देश के सबसे बड़े एविएशन हब के रूप में उभरने जा रहा है। एयरपोर्ट के शुरू होते ही यहाँ सालाना लाखों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की आवाजाही की उम्मीद है। ऐसे में यदि आप एक बिजनेसमैन हैं या नया स्टार्टअप शुरू करने की सोच रहे हैं, तो एयरपोर्ट के भीतर दुकान, रेस्टोरेंट या कैफे खोलना आपके लिए लाइफ-चेंजिंग और बंपर मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है।
यदि आप सोच रहे हैं कि जेवर एयरपोर्ट पर आम बाजारों की तरह आसानी से कोई दुकान किराए पर या खरीद कर मिल जाएगी, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है। एयरपोर्ट परिसर के भीतर कमर्शियल स्पेस आवंटित करने के लिए एक बेहद पारदर्शी और कड़ा 'टेंडर सिस्टम' (Tender System) अपनाया जाता है।
इसके लिए इच्छुक आवेदकों को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 'Tenders' सेक्शन को लगातार चेक करना होगा। यहाँ समय-समय पर रिटेल, फूड कोर्ट और अन्य सेवाओं के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किए जाते हैं, जहाँ से आप सीधे आवेदन कर सकते हैं।
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जेवर एयरपोर्ट के भीतर यात्रियों की सहूलियत के लिए कई तरह के बिजनेस ऑप्शंस खुले हैं, जिन्हें मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है:
फूड एवं बेवरेज (F&B): प्रीमियम कैफे, ब्रांडेड कॉफी शॉप, फास्ट फूड चेन, पारंपरिक मिठाई की दुकानें और बेकरी।
रिटेल स्टोर्स (Retail): किताबों और मैगजीन की स्टॉल, शानदार गिफ्ट शॉप, बच्चों के खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, मोबाइल और ट्रैवल एक्सेसरीज।
जरूरी सेवाएं (Services): 24 घंटे खुली रहने वाली फार्मेसी (मेडिकल स्टोर), विदेशी मुद्रा विनिमय (करेंसी एक्सचेंज), लग्जरी सैलून और ट्रैवल एजेंसियां।
एयरपोर्ट पर बिजनेस शुरू करने के लिए केवल पैसा ही काफी नहीं है, बल्कि आपकी वित्तीय और व्यावसायिक स्थिति भी मजबूत होनी चाहिए। आवेदक कंपनी या व्यक्ति के पास संबंधित बिजनेस का पहले का अनुभव (Track Record) होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, न्यूनतम टर्नओवर की शर्तों को पूरा करना होता है। टेंडर प्रक्रिया के दौरान आपको दुकान का सटीक आकार, लोकेशन, लाइसेंस की अवधि, भारी-भरकम सिक्योरिटी डिपॉजिट और नॉन-रिफंडेबल आवेदन शुल्क के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी, जिसके आधार पर आपको अपनी वित्तीय बोली (Financial Bid) लगानी होगी।
चूंकि एयरपोर्ट एक अत्यधिक संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी जोन होता है, इसलिए टेंडर अलॉट होने के बाद सभी कर्मचारियों और मालिकों का कड़ा पुलिस वेरिफिकेशन और ब्यूरो ऑफ सिविल एविशन सिक्योरिटी (BCAS) से सुरक्षा क्लियरेंस लेना अनिवार्य होता है। इसके अलावा, यहाँ का रेंटल मॉडल भी अलग होता है; यहाँ आमतौर पर एक फिक्स मिनिमम मंथली गारंटी (MMG) किराया देना होता है या फिर आपके कुल रेवेन्यू (कमाई) का एक निश्चित हिस्सा एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ शेयर करना पड़ता है।
Location : Noida
Published : 9 July 2026, 12:51 PM IST