नेपाल की फ्लैश फ्लड के बाद महराजगंज में हाई अलर्ट, DM-SSP ने नारायणी नदी में उतरकर परखी तैयारी

नेपाल के रसुवा जिले में आई फ्लैश फ्लड के बाद महराजगंज में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। डीएम गौरव सिंह सोगरवाल और एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने नारायणी नदी और सीमावर्ती इलाकों का निरीक्षण किया। सोहगीबरवा में डीएम ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 27 August 2026, 7:12 PM IST

Maharajganj : नेपाल के रसुवा जिले में आई फ्लैश फ्लड के बाद भारत-नेपाल सीमा से सटे महराजगंज जिले में जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने गुरुवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर नारायणी नदी और सीमावर्ती क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने टेल फाल के निकट एसडीआरएफ की बोट से नारायणी नदी में उतरकर राहत एवं बचाव की तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने राजस्व, पुलिस, एसएसबी और एसडीआरएफ के अधिकारियों को नारायणी नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नेपाल की ओर से आने वाले जलप्रवाह को देखते हुए किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए सभी टीमें पूरी तरह तैयार रहें। प्रशासन की ओर से नदी तटवर्ती और निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

कंप्यूटर क्लास के लिए निकली थी युवती, रास्ते में काल बनकर आई तेज रफ्तार! महाराजगंज में दर्दनाक हादसा

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि यदि नेपाल की ओर से नदी के रास्ते कोई शव बहकर आता है तो नियमानुसार तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शव अज्ञात होने की स्थिति में पहचान कराने के प्रयास किए जाएं और पहचान न होने पर पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया जाए।

इसके बाद जिलाधिकारी ने सोहगीबरवा क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों से संवाद कर बाढ़ की स्थिति और प्रशासन की तैयारियों की जानकारी ली। डीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि नदी के तटीय और निचले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को नदी के किनारे जाने से पूरी तरह रोकने की सलाह दी गई।

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या या आपात स्थिति सामने आने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाने अथवा संबंधित अधिकारी को सूचना दें, ताकि प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर सहायता उपलब्ध करा सके।

राहत चौपाल में सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

सोहगीबरवा गांव में आयोजित राहत चौपाल में जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से संपर्क मार्ग और विद्युत आपूर्ति की समस्या उठाई।

इस पर डीएम ने पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता को संपर्क मार्ग के लिए आगणन तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को भी आपूर्ति संबंधी समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

ग्रामीणों ने क्षेत्र में हाईस्कूल की आवश्यकता भी बताई, जिस पर जिलाधिकारी ने प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके अलावा सहकारी समिति एवं क्रय केंद्र की स्थापना, बंद पड़े सामुदायिक शौचालय को संचालित कराने और पशु चिकित्सालय में पशु चिकित्सक की उपलब्धता की मांग भी ग्रामीणों ने रखी। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बीडीओ को सोहगीबरवा क्षेत्र में कैंप लगाकर फैमिली आईडी के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से संतृप्त करने का निर्देश दिया।

करीब 15 हजार आबादी पर प्रशासन की नजर

बीडीओ निचलौल ने बताया कि सोहगीबरवा क्षेत्र में तीन ग्राम पंचायतें हैं, जिनकी कुल आबादी करीब 15 हजार है। अकेले सोहगीबरवा गांव की आबादी लगभग आठ हजार है। गांव में 439 लोगों को प्रधानमंत्री आवास और 161 लोगों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ मिल चुका है। वहीं 1,064 लोगों को व्यक्तिगत शौचालय तथा 4,205 लोगों को आयुष्मान कार्ड का लाभ मिला है। इसके अतिरिक्त पेंशन, वीबी-जी राम जी जॉब कार्ड, पात्र गृहस्थी कार्ड और किसान सम्मान निधि समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है।

डीएम ने ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश बीडीओ को दिए। साथ ही अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति और प्रशासन की तैयारियों के संबंध में ग्रामीणों को नियमित रूप से जानकारी देने को कहा।

सीएचसी सोहगीबरवा का भी किया निरीक्षण

बाढ़ तैयारियों के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने सीएचसी सोहगीबरवा का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं से संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली। स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां कार्यरत चिकित्साधिकारी और अन्य स्वास्थ्यकर्मी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध रहते हैं और उनकी सेवाओं से ग्रामीण संतुष्ट हैं।

Location :  Maharajganj

Published :  27 August 2026, 7:12 PM IST