
प्रतीकात्मक छवि (फोटो सोर्स-इंटरनेट)
Lucknow: देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली-NCR और छत्तीसगढ़ में अगले एक सप्ताह तक लू और भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। वहीं दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, अंडमान सागर और पूरे निकोबार द्वीप समूह में दस्तक दे दी है।
आईएमडी के अनुसार मौजूदा परिस्थितियां मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर मॉनसून दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के कुछ और हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के शेष इलाकों तथा अंडमान सागर के बाकी हिस्सों तक पहुंच सकता है। इसके अलावा पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी में भी मॉनसून के आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने पहले ही संकेत दिए थे कि इस बार केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 26 मई के आसपास दस्तक दे सकता है। सामान्य तौर पर केरल में मॉनसून एक जून को पहुंचता है और यहीं से देश में चार महीने के वर्षा मौसम की शुरुआत मानी जाती है।
आईएमडी के अनुसार उत्तर प्रदेश में आगामी पांच दिनों तक मौसम शुष्क बना रहेगा। 19 से 22 मई के बीच राज्य में गर्मी और तेज हो सकती है। वहीं राजस्थान में 21 और 22 मई को भीषण लू चलने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है और तीव्र गर्मी का दौर फिर शुरू होने वाला है।
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
UP Weather Update: लखनऊ-नोएडा समेत जानिए यूपी के मौसम का ताजा अपडेट
अल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु चक्र है, जो तब बनता है जब भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है। समुद्र के तापमान में इस बदलाव का असर दुनिया भर के मौसम पर पड़ता है। इसकी वजह से कहीं भीषण गर्मी और सूखे की स्थिति बनती है तो कहीं भारी बारिश और बाढ़ देखने को मिलती है।
अल नीनो हर 2 से 7 साल के बीच सक्रिय होता है और इसका प्रभाव करीब 9 से 12 महीने तक रह सकता है। यदि समुद्र का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ता है तो इसे कमजोर अल नीनो माना जाता है, जबकि तापमान 2 डिग्री से अधिक बढ़ने पर सुपर अल नीनो की स्थिति बन जाती है।
Location : Lucknow
Published : 17 May 2026, 8:03 AM IST