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रायबरेली में बंधन बैंक घोटाले का पर्दाफाश
Raebareli: जिले के जगतपुर स्थित बंधन बैंक की शाखा में एक चौंकाने वाला वित्तीय घोटाला सामने आया है। बैंक के एक रिलेशनशिप ऑफिसर अभिषेक सिंह पर आरोप है कि उसने 93 ग्राहकों से करीब ₹1,97,290 वसूले लेकिन इन रकमों को खातों में जमा करने के बजाय गबन कर लिया और फिर फरार हो गया।
इस फर्जीवाड़े का खुलासा बैंक की ऑडिट जांच के दौरान हुआ, जिससे बैंकिंग प्रणाली की जवाबदेही और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
डायनामाइट न्यूज़ के संवाददाता के अनुसार, आरोपी अभिषेक सिंह गोधरा, थाना फतेहपुर का निवासी है और वह लंबे समय से ग्राहकों से ऋण की मासिक किस्तें वसूल रहा था। लेकिन वह राशि जमा करने के बजाय अपने पास रखता रहा।
एरिया मैनेजर संजय तिवारी ने जैसे ही ऑडिट रिपोर्ट देखी, उन्होंने जगतपुर थाने में अभिषेक के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की एफआईआर दर्ज करवाई।
चौंकाने वाली बात यह है कि 16 जुलाई को आरोपी ने अपने घर जाते हुए केवल मेल पर इस्तीफा भेज दिया और शाखा प्रबंधक राघवेंद्र सिंह ने बिना किसी उच्चाधिकारी को सूचित किए, इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया।
जब कुछ ग्राहकों ने अपने खातों से अज्ञात कटौती की शिकायत की, तब जांच शुरू हुई। बैंक प्रबंधन ने ऑडिट करवाया, जिसमें पूरे घोटाले का खुलासा हुआ।
जगतपुर थाना प्रभारी पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपी की तलाश जारी है।
यह घटना बंधन बैंक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की आंतरिक निगरानी प्रणाली की कमजोरी को उजागर करती है। शाखा प्रबंधक द्वारा इस्तीफा स्वीकार करना और वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी न देना, पूरे सिस्टम में लापरवाही और गैर-पारदर्शिता का उदाहरण है।
इस घटना ने न केवल बैंक के प्रति ग्राहकों का भरोसा डगमगाया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि यदि निगरानी मजबूत न हो तो लाखों की रकम आसानी से गायब की जा सकती है।
अब सवाल ये है कि क्या आरोपी को पकड़कर ग्राहकों की रकम वापस दिलाई जा सकेगी? क्या बैंक ऐसे कर्मचारियों की ठीक से जांच कर रहा है? और क्या इस सिस्टम की खामियों को सुधारा जाएगा?
Location : Raebareli
Published : 31 July 2025, 4:45 PM IST