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Hardoi: त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजारों में दूध, मिठाई और दूसरी खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से जुड़ी किसी भी लापरवाही का सीधा असर आम लोगों की सेहत पर पड़ सकता है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के संडीला औद्योगिक क्षेत्र में पूनम दूध डेयरी पर प्रशासन की छापेमारी ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्रवाई के दौरान दो टैंकरों में भरा करीब 38 हजार लीटर दूध सीज किया गया और मौके से केमिकल समेत अन्य सामग्री मिलने की जानकारी सामने आई है।
त्योहारों के दौरान घरों में मिठाइयों से लेकर चाय, खीर और अन्य पकवानों तक में दूध का इस्तेमाल बढ़ जाता है। ऐसे में दूध की गुणवत्ता पर सवाल उठना चिंता का विषय है। यदि खाद्य पदार्थों के मानकों से समझौता होता है, तो इसका जोखिम बच्चों, बुजुर्गों और अन्य उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है।
Hardoi Milk Raid ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की नियमित जांच कितनी प्रभावी है और आम लोगों तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए निगरानी व्यवस्था कितनी सतर्क है।
गोपनीय सूचना के आधार पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम संडीला नारायणी भाटिया के नेतृत्व में पूनम दूध डेयरी पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ खाद्य सुरक्षा तथा राजस्व विभाग की टीमें भी मौजूद रहीं। डेयरी के संचालक प्रदीप गुप्ता बताए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, दो टैंकरों में भरा करीब 38 हजार लीटर दूध सीज किया गया। मौके से केमिकल और अन्य सामग्री भी मिली, जिस पर अधिकारियों ने संदेह जताया। मामले की जांच के लिए सात नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
फिलहाल दूध में मिलावट की पुष्टि नहीं हुई है। नमूनों की जांच के बाद ही दूध की गुणवत्ता और बरामद सामग्री की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नारायणी भाटिया ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Hardoi Milk Raid के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि त्योहारों के दौरान आम लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए निगरानी कितनी मजबूत है। केवल छापेमारी ही नहीं, बल्कि नियमित निरीक्षण, संदिग्ध खाद्य सामग्री की समय पर जांच और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई भी जरूरी है।
अब निगाहें जांच रिपोर्ट पर हैं। यदि मिलावट की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जरूरी होगी, ताकि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर रोक लग सके।
Location : Hardoi
Published : 14 October 2026, 3:39 PM IST