Gorakhpur: खजनी तहसील में यूरिया की किल्लत, किसानों की बढ़ी परेशानी

खजनी तहसील में टॉप ड्रेसिंग के समय यूरिया की भारी किल्लत से किसान परेशान हैं। सहकारी समितियों में खाद खत्म है और निजी दुकानों पर महंगे दाम वसूले जा रहे हैं।

Gorakhpur: खेतों में हरियाली है, लेकिन किसान के चेहरे पर चिंता की लकीरें गहरी होती जा रही हैं। रबी फसलों की बुआई के बाद जब टॉप ड्रेसिंग का सबसे जरूरी वक्त चल रहा है, ठीक उसी समय खजनी तहसील में यूरिया गायब हो गई है। हालात ऐसे हैं कि किसान सुबह से शाम तक समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर जगह से एक ही जवाब मिल रहा है, खाद नहीं है। यह संकट अब सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि फसलों और किसानों की आजीविका पर सीधा खतरा बन गया है।
सहकारी समितियों में खाली गोदाम
खजनी तहसील क्षेत्र की अधिकांश साधन और सघन सहकारी समितियों में यूरिया का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। साधन सहकारी समिति भरोहीया के सचिव रामस्वरूप गुप्ता ने बताया कि गोदाम में लंबे समय से एक भी बोरी यूरिया उपलब्ध नहीं है। इस दौरान दो बार रैक आने की सूचना जरूर मिली, लेकिन समिति को आवंटन नहीं हो सका। मौजूदा स्थिति में भी यूरिया मिलने की कोई ठोस संभावना नजर नहीं आ रही है।
एक हफ्ते से लौट रहे किसान खाली हाथ
सघन सहकारी समिति खजनी और बढ़नी की स्थिति भी अलग नहीं है। सचिव कुंज बिहारी ने बताया कि बीते एक सप्ताह से यूरिया पूरी तरह खत्म है। रोजाना दर्जनों किसान समिति पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। ऊपर से कोई स्पष्ट निर्देश या आपूर्ति की जानकारी नहीं मिलने से समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है।
फसलों पर पड़ रहा सीधा असर
यूरिया की किल्लत का असर अब खेतों में साफ दिखने लगा है। गेहूं, सरसों और चना जैसी प्रमुख रबी फसलें इस समय पोषक तत्वों की मांग कर रही हैं। किसानों का कहना है कि अगर समय पर टॉप ड्रेसिंग नहीं हुई तो पैदावार पर बड़ा असर पड़ेगा। कमजोर फसल का मतलब है सीधा आर्थिक नुकसान, जिसकी भरपाई कर पाना छोटे किसानों के लिए बेहद मुश्किल होगा।
निजी दुकानों की मनमानी
किसानों का आरोप है कि निजी दुकानों पर या तो यूरिया मिल नहीं रही है, और अगर कहीं मिल भी जाए तो वह तय सरकारी मूल्य से कहीं ज्यादा कीमत पर बेची जा रही है। मजबूरी में कुछ किसान महंगी खाद खरीद रहे हैं, जबकि कई किसान आर्थिक तंगी के कारण हाथ खड़े कर चुके हैं।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
किसानों में सरकार और प्रशासन को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि एक ओर उत्पादन बढ़ाने की बात होती है, दूसरी ओर सबसे जरूरी खाद की समय पर आपूर्ति नहीं हो पा रही। किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि तत्काल यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। खजनी तहसील में पैदा हुआ यह संकट खाद वितरण व्यवस्था की बड़ी खामियों को उजागर कर रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस समस्या को गंभीरता से लेकर किसानों को राहत देता है।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 9 January 2026, 1:28 AM IST

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