
लोगों को अलाव से मिली राहत
Gorakhpur: गोरखपुर जनपद के सतुआभार गांव में इस बार कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को काफी प्रभावित किया। जहां सरकारी व्यवस्थाएं कई बार कागजों तक सिमट जाती हैं, वहीं समाजसेवकों ने अपने प्रयासों से मानवता की मिसाल पेश की।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, स्वर्गीय राम-रामदुलार दुबे की पत्नी मूराती देवी के बेटे, स्वर्गीय राम उजागीर धर दुबे की सामाजिक विरासत को उनके पुत्रों ने आगे बढ़ाया। गदाधर द्विवेदी (सहायक अध्यापक), रामनिधि धर दुबे और करुणानिधि धर दुबे ने गांव में प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और आवागमन वाले क्षेत्रों में निःशुल्क अलाव की व्यवस्था कराई।
इस पहल से बुजुर्ग, गरीब, मजदूर और राहगीर ठंड से राहत पा सके। भले ही रातें ठिठुरन भरी हों, अलाव के पास रुके लोगों के चेहरे पर राहत और संतोष झलक रहा था।
समाजसेवकों की यह पहल दर्शाती है कि समाज सेवा केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा से होती है। तीनों भाइयों का यह कार्य न केवल उनके स्वर्गीय पिता के आदर्शों को जीवंत करता है, बल्कि युवाओं और समाज के अन्य सक्षम वर्ग के लिए भी प्रेरणास्रोत बनता है।
इस कार्य में परिवार के अन्य सदस्यों जैसे गजननन्द धर दुबे, सरधानन्द धर दुबे, हरिश्चंद धर दुबे, रामदरश दुबे, डॉ. राधे धर दुबे, ओमप्रकाश धर दुबे, हरिराम, दीपनारायण और स्वर्गीय कृष्ण धर दुबे, संत स्वरूप दुबे एवं प्रेम प्रकाश धर दुबे ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा, अश्वनी उर्फ गुड्डू दुबे की सक्रिय भागीदारी भी सराहनीय रही।
ग्रामीणों ने इस पहल की जमकर प्रशंसा की और कहा कि ऐसे सामाजिक कार्य आपसी भाईचारे, सहयोग और संवेदनशीलता को मजबूत करते हैं। सतुआभार की यह पहल यह संदेश देती है कि अगर समाज के सक्षम लोग आगे आएं, तो कठिन से कठिन समय में भी जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाई जा सकती है।
इस तरह की पहल न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे जिले और राज्य में सामाजिक चेतना और सेवा की भावना को बढ़ावा देती है। अलाव के माध्यम से ठंड में राहत पाने वाले ग्रामीणों ने इस कार्य के लिए समाजसेवकों को धन्यवाद भी कहा।
Location : Gorakhpur
Published : 27 December 2025, 12:43 PM IST