सरयू में जहर घोलता सिस्टम: गोला नगर पंचायत पर आरोप, खुलेआम नदी में उड़ेली जा रही शौचालय की गंदगी

गोरखपुर के गोला नगर पंचायत पर सरयू नदी में शौचालय की गंदगी सीधे गिराने का गंभीर आरोप लगा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह काम खुलेआम और नियमित रूप से किया जा रहा है, जबकि प्रशासन मौन है। नमामि गंगे और एनजीटी के नियमों की खुलेआम अनदेखी से जनता में भारी आक्रोश है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 5 January 2026, 3:04 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर जनपद के दक्षिणांचल क्षेत्र में स्थित नगर पंचायत गोला बाजार से एक बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला सामने आया है। वार्ड संख्या 18 में नगर पंचायत द्वारा संचालित शौचालय सफाई वाहन से सरयू नदी में खुलेआम गंदगी और मलजल गिराए जाने का आरोप स्थानीय नागरिकों ने लगाया है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, इस कृत्य से न केवल सरयू नदी का जल प्रदूषित हो रहा है, बल्कि शासन की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की मंशा को भी खुलेआम चुनौती दी जा रही है।

सरयू नदी में जा रही गंदगी

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत की गाड़ी नियमित रूप से शौचालय की गंदगी को सीधे सरयू नदी में उड़ेल रही है। यह कार्य किसी छिपे तरीके से नहीं, बल्कि दिनदहाड़े किया जा रहा है। सबसे हैरानी की बात यह है कि पूरा मामला नगर पंचायत प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जानकारी में होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

नागरिकों का आरोप है कि अधिशासी अधिकारी सहित जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर पर्यावरणीय अपराध पर आंख मूंदे बैठे हैं।

देवरिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अंतरराज्यीय शराब तस्कर गिरफ्तार, करोड़ों का काला कारोबार ध्वस्त; पढ़ें पूरा मामला

स्वच्छता पर करोंड़ों खर्च कर रही सरकार

प्राप्त जानकारी के अनुसार शासन द्वारा नदियों की स्वच्छता और संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर योजनाएं चलाई जा रही हैं। नमामि गंगे जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के बावजूद नगर पंचायत गोला द्वारा सरयू नदी में गंदगी गिराना शासन की मंशा के विपरीत है। यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पूर्व भी नदी में कूड़ा फेंकने और उसमें आग लगाए जाने की घटनाओं पर स्थानीय लोगों ने विरोध दर्ज कराया था, लेकिन हर बार जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे रहे।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के स्पष्ट आदेश हैं कि किसी भी नदी, तालाब या जलस्रोत में ठोस कचरा, सीवेज या शौचालय की गंदगी डालना कानूनन अपराध है। यह ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 और जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 का सीधा उल्लंघन है। एनजीटी के तहत ऐसे मामलों में संबंधित नगर निकाय पर भारी जुर्माना, पर्यावरणीय क्षति की भरपाई और जिम्मेदार अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाती है।

आगरा में कोहरा बना जानलेवा: ग्वालियर हाईवे पर आपस में टकराए 6 वाहन, दो की मौत

स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

सरयू नदी में लगातार हो रहे प्रदूषण से क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर पंचायत से तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कदम नहीं उठाया तो जनआक्रोश सड़कों पर फूट पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 5 January 2026, 3:04 PM IST