Khajni Vaibhav murder case: एआई से सीखे फिरौती के तरीके, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर भेजा था संदेश

खजनी क्षेत्र में कारोबारी के बेटे वैभव के अपहरण के बाद हुई हत्या के मामले में पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी ने अपराध को अंजाम देने से पहले आधुनिक तकनीक का सहारा लिया।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 30 July 2026, 1:45 AM IST

Gorakhpur : खजनी क्षेत्र में कारोबारी के बेटे वैभव के अपहरण के बाद हुई हत्या के मामले में पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी ने अपराध को अंजाम देने से पहले आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से फिरौती मांगने के तरीके, पहचान छिपाने के उपाय तथा साइनाइड जैसे जहरीले पदार्थ से जुड़ी जानकारी हासिल की थी।

पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी ने मात्र 199 रुपये खर्च कर कंबोडिया का एक वर्चुअल मोबाइल नंबर खरीदा। इसी नंबर का इस्तेमाल करते हुए उसने कारोबारी परिवार को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर व्हाट्सएप संदेश भेजकर फिरौती की मांग की, ताकि पुलिस और परिजन किसी संगठित आपराधिक गिरोह की संलिप्तता मानकर भ्रमित हो जाएं।

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आरोपी ने अपनी पहचान छिपायी

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए डिजिटल माध्यमों का सुनियोजित तरीके से उपयोग किया। पुलिस ने उसके मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच में कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री और चैट रिकॉर्ड से यह संकेत मिले हैं कि उसने अपराध की योजना पहले से तैयार की थी और विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से जानकारी एकत्र की थी।

गोरखपुर पुलिस का कहना है कि मामले की हर कड़ी को वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जोड़ा जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि अपराध की योजना कब और किस प्रकार बनाई गई थी।

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पुलिस की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए सभी डिजिटल माध्यमों, वर्चुअल नंबर, ऑनलाइन गतिविधियों और आरोपी के संपर्कों की गहन जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस खुलासे ने यह भी दिखाया है कि आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर अपराध करने की कोशिशें बढ़ रही हैं, जिनसे निपटने के लिए डिजिटल जांच अब पुलिस की सबसे महत्वपूर्ण ताकत बनती जा रही है।

Location :  Gorakhpur

Published :  30 July 2026, 1:41 AM IST