Gorakhpur: नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के दोषियों को मिली ये सजा, इतना लगा जुर्माना

गोरखपुर में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। वर्ष 2018 के इस गंभीर अपराध में दोषी पाए गए दो आरोपितों को कोर्ट ने कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है। पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत यह कार्रवाई हुई है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 11 August 2026, 11:45 PM IST

Gorakhpur: अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते वर्ष 2018 में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने दो आरोपितों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय एएसजे/पॉक्सो-04 गोरखपुर ने मामले में दोष सिद्ध होने पर शम्भू साहनी और बृजेश साहनी को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास तथा कुल 1.10 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

मामला थाना चिलुआताल क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2018 में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में थाना चिलुआताल में मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रकरण में पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामला न्यायालय में विचाराधीन रहने के दौरान पुलिस की ओर से लगातार प्रभावी पैरवी की गई।

पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए थाने के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल के माध्यम से न्यायालय में मजबूत पैरवी सुनिश्चित की। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को अपराध का दोषी पाया।

इन दोषियों को मिली ये सजा

न्यायालय ने मु0अ0सं0 332/2018 में धारा 376(D), 342, 506 भारतीय दंड संहिता, धारा 3/4, 5/6 पॉक्सो एक्ट तथा 66(E) आईटी एक्ट के तहत दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त शम्भू साहनी पुत्र प्रभुनाथ साहनी और बृजेश साहनी पुत्र गोविन्द साहनी, निवासी देवीपुर टोला दुर्गापुर, थाना चिलुआताल, जनपद गोरखपुर को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 1,10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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प्रभावी पैरवी से मिली सजा

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन कनविक्शन का उद्देश्य गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाना है। इस मामले में पुलिस की पैरवी और मॉनिटरिंग सेल की सक्रिय भूमिका से लंबे समय से चल रहे मुकदमे में दोषियों को कड़ी सजा मिल सकी।

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अभियुक्तों को सजा दिलाने में ADGC उमेश मिश्रा, ADGC संजीत कुमार शाही और ADGC बृजेश कुमार सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा। गोरखपुर पुलिस ने कहा कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

Location :  Gorakhpur

Published :  11 August 2026, 11:42 PM IST