
नगर आयुक्त ने दिए कड़े निर्देश
Gorakhpur: स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे सफाई और कूड़ा प्रबंधन कार्यों में सामने आई लापरवाही ने गोरखपुर नगर निगम प्रशासन को सख्त रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। नगर आयुक्त अजय जैन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में कई एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे, जिसके बाद मौके पर ही कड़े निर्देश और कार्रवाई के आदेश जारी किए गए।
यह समीक्षा बैठक गोरखपुर नगर निगम कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में नालों की सफाई, कूड़ा निस्तारण, डोर-टू-डोर कलेक्शन और कार्यदायी एजेंसियों के प्रदर्शन पर विस्तार से चर्चा हुई। नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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नगर आयुक्त अजय जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहर के सभी नालों की शत-प्रतिशत तली-झाड़ सफाई हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जहां नालों पर स्लैब डाले गए हैं, वहां विशेष तकनीक से सिल्ट और कचरे की पूरी सफाई की जाए।
बैठक में गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन (GTS) तक कूड़ा ले जाने वाली गाड़ियों की संख्या और कचरे की मात्रा की समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी वाहनों की वेट स्कैनिंग और सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य की जाए। इसके अलावा डोर-टू-डोर कलेक्शन व्यवस्था को मजबूत करने और वीटीएमएस के जरिए रूट ट्रैकिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
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समीक्षा के दौरान कई कार्यदायी एजेंसियों की कार्यप्रणाली असंतोषजनक पाई गई। जेएस एनवायरमेंट फर्म पर गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन संचालन और स्वच्छता कार्यों में लापरवाही के आरोप लगे। वहीं देवेश ट्रेडिंग कंपनी को एमआरएफ सेंटर संचालन में सुधार के लिए चेतावनी दी गई, जबकि हेराइजन सॉल्यूशन फर्म पर गंभीर लापरवाही के चलते ब्लैकलिस्टिंग और एफआईआर दर्ज कराने तक के निर्देश दिए गए।
Location : Gorakhpur
Published : 5 June 2026, 8:44 AM IST