गोरखपुर नगर निगम में वाहन विभाग की लापरवाही पर नगर आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया है। 7 दिन के भीतर सभी वाहनों का बीमा अनिवार्य किया गया है, जबकि लापरवाह ड्राइवरों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यूनिक आईडी, जीपीएस और नई मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू की जा रही है।

नगर आयुक्त ने की समीक्षा बैठक
Gorakhpur: नगर निगम के वाहन विभाग में लापरवाही और अव्यवस्था पर अब सख्त कार्रवाई तय मानी जा रही है। नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने समीक्षा बैठक में विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कर दिया कि अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बीमा, मॉनिटरिंग, ड्राइवरों की कार्यशैली और वाहनों के उपयोग को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, बैठक में सामने आया कि निगम के कई बड़े वाहनों, जैसे पोकलेन, जेसीबी, डंपर और डीसीएम का बीमा समय पर नवीनीकृत नहीं कराया गया है। इस पर नगर आयुक्त ने कड़ी आपत्ति जताते हुए निर्देश दिया कि अगले 7 दिनों के भीतर सभी वाहनों का बीमा हर हाल में पूर्ण किया जाए।
इसके साथ ही सभी विभागों को अपने-अपने वाहनों की सूची तैयार कर शत-प्रतिशत बीमा सुनिश्चित करने को कहा गया।
नगर आयुक्त ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए सभी 609 वाहनों को यूनिक आईडी देने और एक विशेष एप्लीकेशन विकसित करने के निर्देश दिए। इस एप के जरिए एक क्लिक पर वाहन की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे मॉनिटरिंग व्यवस्था और मजबूत होगी।
वाहनों की कार्यक्षमता की समीक्षा करते हुए उन्होंने साफ कहा कि जो वाहन सही ढंग से उपयोग में नहीं हैं, उनकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। लापरवाह ड्राइवरों पर भी सख्ती दिखाई गई है। दिसंबर-जनवरी की रिपोर्ट के आधार पर 12 चालकों को नोटिस जारी किया गया है और संतोषजनक जवाब न मिलने पर सेवा से हटाने की चेतावनी दी गई है।
नगर निगम के निर्माण, जलकल और स्वास्थ्य विभागों को अपने वाहनों का रिकॉर्ड अपडेट रखने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में 609 में से 518 वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा चुका है, जबकि शेष वाहनों में जल्द ही जीपीएस लगाने को कहा गया है। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए नए वाहनों को केवल पीले रंग में खरीदने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उनकी पहचान आसानी से हो सके। महेवा वर्कशॉप को जल्द शुरू करने और वहीं वाहनों की धुलाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
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नगर आयुक्त ने गर्मी को देखते हुए ड्राइवरों को निर्धारित ड्रेस उपलब्ध कराने और उसका पालन अनिवार्य करने की बात कही। ड्रेस में लापरवाही पर वेतन कटौती की चेतावनी भी दी गई है।उन्होंने दो टूक कहा कि जो कर्मचारी और चालक अपने कार्य में रुचि नहीं ले रहे, उन्हें हटाकर जिम्मेदार लोगों को मौका दिया जाएगा। नगर आयुक्त की इस सख्ती से वाहन विभाग में सुधार और पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।