Gorakhpur News: मदीना में फंसे गोरखपुर के 40 जायरीन, घरों में अपनों की राह देख रहे बच्चे; हर दिन बढ़ रहा खर्च

गोरखपुर के 40 जायरीन उमराह के लिए सऊदी अरब के मदीना गए थे, लेकिन 21 अक्टूबर को तय वापसी नहीं हो सकी। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच उड़ानों में व्यवधान से ठहराव बढ़ा है। परिवार बच्चों और अपनों की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 28 October 2026, 9:38 AM IST
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Gorakhpur: मुकद्दस उमराह के सफर पर सऊदी अरब के मदीना गए गोरखपुर के 40 जायरीन की वतन वापसी का इंतजार लंबा होता जा रहा है। 21 अक्टूबर को उनकी वापसी निर्धारित थी, लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उड़ानों के संचालन में आ रही बाधाओं के चलते वे अब तक घर नहीं लौट सके हैं।

विदेश में ठहराव बढ़ने से जहां जायरीनों के सामने रहने और खाने-पीने के खर्च की चुनौती खड़ी हो गई है, वहीं गोरखपुर में उनके परिजन अपनों की सलामती को लेकर चिंतित हैं। घरों में छोटे बच्चे भी अपने माता-पिता के लौटने की राह देख रहे हैं।

बच्चों को रिश्तेदारों के भरोसे छोड़ गए थे जायरीन

सूरजकुंड कॉलोनी निवासी सैयद नदीम अहमद अपनी पत्नी चांदनी खातून के साथ उमराह के लिए 3 अक्टूबर को सऊदी अरब रवाना हुए थे। इसी दिन तकिया कवलदह निवासी मुहम्मद खुर्शीद आलम भी अपनी पत्नी सानिया खानम, अफजल और आबाद के साथ धार्मिक यात्रा पर गए थे। दोनों परिवार अपने छोटे-छोटे बच्चों को घर पर रिश्तेदारों के भरोसे छोड़कर गए थे।

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तय कार्यक्रम के मुताबिक 21 अक्टूबर को सभी को भारत लौटना था, लेकिन निर्धारित समय पर वापसी नहीं हो सकी। परिजन फोन के जरिए उनसे संपर्क कर हालचाल ले रहे हैं, फिर भी अपनों की मौजूदगी के बिना घरों में बेचैनी बनी हुई है। परिवारों को अब बस यही उम्मीद है कि जल्द उड़ानें सामान्य हों और सभी सुरक्षित घर पहुंच जाएं।

गोरखपुर का एक परिवार (Img- Dynamite News)

रोजाना बढ़ रहा आर्थिक बोझ

वापसी में देरी का असर जायरीनों की जेब पर भी पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक, मदीना में रुकने के दौरान प्रति व्यक्ति प्रतिदिन करीब एक हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च आ रहा है। ऐसे में यदि ठहराव दस दिन और बढ़ता है, तो प्रत्येक जायरीन पर लगभग दस हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। समूह में कई लोग होने के कारण कुल खर्च काफी बढ़ने की आशंका है।

परिजन नेहाल अहमद के मुताबिक, उमराह की यात्रा का बजट पहले से निर्धारित रहता है। अचानक कार्यक्रम लंबा खिंचने से अतिरिक्त धन की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है।

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सुरक्षित वापसी के लिए टिकी निगाहें

पश्चिम एशिया में सुरक्षा संबंधी तनाव और उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव के बीच जायरीनों को वापसी की स्पष्ट जानकारी का इंतजार है। परिजन ट्रैवल एजेंटों और संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। वे भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास से भी मदद की उम्मीद लगाए हैं।

फिलहाल मदीना में मौजूद जायरीन की निगाहें वतन वापसी पर टिकी हैं। वहीं, गोरखपुर में उनके परिवार हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती चिंता के बीच अपनों की सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं।

Location :  Gorakhpur

Published :  28 October 2026, 9:38 AM IST

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