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खोराबार पुलिस की दमदार पैरवी (Img: Google)
Gorakhpur : उत्तर प्रदेश पुलिस के "ऑपरेशन कनविक्शन" अभियान के तहत गोरखपुर पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। वर्ष 2007 में थाना खोराबार क्षेत्र में दर्ज आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के मामले में न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए छह वर्ष के कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार साल 2007 में थाना खोराबार पर मु0अ0सं0 802/2007 के तहत धारा 498ए, 306 भारतीय दंड संहिता एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना एवं साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इसके बाद लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के समुचित प्रस्तुतीकरण के चलते अभियोजन पक्ष अपने आरोप सिद्ध करने में सफल रहा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर डॉ कौस्तुभ के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के अंतर्गत थाना खोराबार के पैरोकार एवं मॉनिटरिंग सेल द्वारा मामले की लगातार निगरानी की गई। इसी का परिणाम रहा कि अपर सत्र न्यायाधीश (एएसजे/यूपीएसईबी कोर्ट), गोरखपुर ने अभियुक्त अरविन्द दुबे पुत्र आद्या दुबे निवासी भोलापार, थाना हरपुर बुदहट, जनपद गोरखपुर को दोषी करार दिया।
न्यायालय ने अभियुक्त को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण और दहेज उत्पीड़न से संबंधित आरोपों में दोषसिद्ध पाते हुए छह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
गोरखपुर पुलिस के अनुसार ऑपरेशन कनविक्शन का उद्देश्य गंभीर आपराधिक मामलों में त्वरित एवं प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाना है, जिससे अपराधियों में कानून का भय बना रहे और पीड़ितों को न्याय मिल सके।
Location : gorakhpur
Published : 13 June 2026, 1:00 PM IST