Gorakhpur: डोंगल जमा कर ग्राम सचिवों का जोरदार सत्याग्रह, खजनी ब्लॉक में विकास कार्यों पर ब्रेक

खजनी ब्लॉक में ग्राम सचिवों ने सामूहिक रूप से डोंगल जमा कर सत्याग्रह किया। इससे मनरेगा, पेंशन और अन्य ऑनलाइन कार्य ठप हो गए। सचिवों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।

Gorakhpur: विकासखंड खजनी में सोमवार को ग्राम सचिवों द्वारा एक बड़ा और प्रभावशाली सत्याग्रह देखने को मिला। ब्लॉक के सभी ग्राम सचिवों ने सामूहिक रूप से अपने-अपने डोंगल सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के पास जमा कर दिए। इस कदम से खजनी ब्लॉक का प्रशासनिक तंत्र हिल गया और ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकांश ऑनलाइन कार्य ठप हो गए।

सत्याग्रह का उद्देश्य सचिवों द्वारा अपनी मांगों के प्रति प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना था। रोशन सिंह, रामपाल, शिवेंद्र पाल सिंह, तनवीर अशरफ अंसारी, गंगा प्रसाद, कमलेश शाह, सतीश चन्द, लोकनाथ, इंद्रसेन सिंह, कुंदन और चैतन्य त्रिपाठी सहित सभी सचिवों ने एकजुट होकर यह कदम उठाया। इस आंदोलन ने उनकी एकता और गंभीरता को स्पष्ट रूप से दर्शाया।

ऑनलाइन कार्य प्रभावित

डोंगल जमा होने के बाद मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंशन, जन्म–मृत्यु पंजीकरण, ऑनलाइन भुगतान, पंचायत रिपोर्टिंग सहित अन्य ई-गवर्नेंस से जुड़े कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोग काम कराने के लिए आए, लेकिन उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। ब्लॉक कार्यालय में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

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ग्राम सचिवों की मांगें

ग्राम सचिवों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं और मांगों को प्रशासन के समक्ष रख रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी कारण उन्होंने शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक सत्याग्रह का विकल्प चुना। सचिवों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या पदाधिकारी के खिलाफ नहीं है, बल्कि उनकी न्यायोचित मांगों के समर्थन में है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन सकारात्मक निर्णय नहीं लेता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

डोंगल जमा करने की सूचना मिलते ही ब्लॉक स्तर के अधिकारियों में हलचल बढ़ गई। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया जा सकता है।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की चिंता

इस स्थिति ने ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भी चिंता बढ़ा दी है। यदि आंदोलन लंबा चलता है तो सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुँचने में देरी हो सकती है। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही बातचीत के माध्यम से समाधान प्रस्तुत करेगा और सेवाओं का सामान्य संचालन पुनः शुरू होगा।

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आंदोलन का महत्व

खजनी ब्लॉक में ग्राम सचिवों द्वारा उठाया गया यह कदम प्रशासन के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। यह सत्याग्रह यह स्पष्ट करता है कि ग्राम सचिव अपनी मांगों को लेकर कितने गंभीर हैं और किसी भी तरह के विलंब को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सचिवों की एकता और निर्णायक कदम ने प्रशासन के लिए भी चुनौती पेश की है। अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि प्रशासन अगला कदम क्या उठाता है।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 15 December 2025, 4:00 PM IST

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